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उज्जैन. मंदिरों की राजधानी के नाम से पहचाना जाने वाले शहर में एक मंदिर ऐसा भी है, जहां आकर हर भक्त अचंभित हुए बिना नहीं रह सकता। जी हां, यहां ऐसा चमत्कार होता है, जिसे दर्शनार्थी खुद अपनी आंखों के सामने होते हुए देख सकते हैं। कई लोगों को तो इस पर विश्वास ही नहीं होता, लेकिन जब वे खुद इसे देखते हैं, तो आंखें फटी रह जाती हैं।
बड़ी चमत्कारी है कालभैरव की प्रतिमा
हम बात कर रहे अनूठी और चमत्कारी कालभैरव प्रतिमा की। यह प्रतिमा प्रतिदिन हजारों लीटर शराब पी जाती है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह शराब कहां जाती है, इसका रहस्य वर्षों से आज भी बरकरार है। कालभैरव तंत्र-मंत्र की सिद्धि के लिए प्रसिद्ध स्थल रहा है। लोग यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में अपनी प्रार्थना लेकर पहुंचते हैं और प्याले भर-भरकर मूर्ति को मदिरा का पान करते हुए देखते हैं।
भैरव अष्टमी पर होंगे विभिन्न आयोजन
भैरव अष्टमी के अवसर पर राजाधिराज महाकाल के सेनापति और उज्जयिनी के क्षेत्रपाल कालभैरव के दरबार में गुरुवार-शुक्रवार यानी 29 और 30 नवंबर को दो दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव में गुरुवार को सुबह कालभैरव महाराज का पूजन अभिषेक, हवन, शृंगार एवं रात 12 बजे महाआरती का आयोजन किया जाएगा। शुक्रवार शाम को श्री कालभैरव मंदिर से बाबा की पालकी क्षेत्र भ्रमण पर निकलेगी।
होगा पंचामृत अभिषेक और चोला शृंगार
काल भैरव मंदिर के शासकीय पुजारी पं. सदाशिव चतुर्वेदी ने बताया गुरुवार सुबह कालभैरव भगवान का पंचामृत अभिषेक होगा। भैरव सहस्त्र नामावली का पाठ होगा। हवन पूजन के साथ ही चोला शृंगार किया जाएगा। रात 12 बजे महाआरती होगी। इसके बाद भंडारे का आयोजन होगा। दो दिवसीय महोत्सव में देश-विदेश से श्री कालभैरव भगवान के भक्त शामिल होंगे। महोत्सव को लेकर कालभैरव मंदिर को रोशनी से नहलाया गया है। आकर्षक विद्युत सज्जा के साथ फूलों से भी सजाया गया है। भैरव अष्टमी शुक्रवार को अपराह्न 4 बजे कालभैरव मंदिर में सवारी का पूजन कलेक्टर मनीष सिंह करेंगे। सवारी में हाथी, घोड़े, रथ, बैंड एवं अखाड़े सम्मिलित होंगे। सवारी कालभैरव मंदिर से आरंभ होकर केंद्रीय जेल भैरवगढ़ के मुख्य द्वार से होती हुई सिद्धवट मंदिर पहुंचेगी। यहां आरती के बाद भैरवगढ़ क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से होती हुई पुन: कालभैरव मंदिर पहुंचेगी।
आताल-पाताल भैरव का जन्म महोत्सव
सिंहपुरी स्थित आताल-पाताल भैरव मंदिर में 30 नवंबर को जन्म महोत्सव मनाया जाएगा। महोत्सव के तहत सुबह 10 बजे अभिषेक, रात 12 बजे महाआरती व प्रसाद वितरण होगा। 1 दिसंबर को शाम 6 बजे सवारी निकाली जाएगी। 2 दिसंबर को शाम 7 बजे बटुक और कन्याभोज होगा। इसी प्रकार 30 नवंबर विक्रांत भैरव मंदिर में भैरव बाबा का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। 30 नवंबर को प्रात: 9 से 1 दिसंबर हवन, पूजन, आरती, रुद्राभिषेक होगा।
Published on:
29 Nov 2018 07:30 am
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