
mahakal sawari 2026: महाकाल मंदिर उज्जैन में सावन-भादौ महीने में दर्शन और महाकाल की सवारी को लेकर तैयारियां शुरू। (photo: patrika file)
उज्जैन . विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। पुणे के डॉ. सागर कोलते और उनका परिवार बाबा महाकाल को कुल 57 लाख रुपये की पूजन सामग्री और भोग अर्पित कर रहा है। इसमें 32 लाख का 'महाराज भोग', 18 लाख का 'राजघराना उबटन' और 7 लाख रुपये के चांदी के पात्र शामिल हैं। इस उबटन की खासियत यह है कि इसमें शुद्ध स्वर्ण भस्म, रजत भस्म, हीरा भस्म और पुष्कराज जैसे नवरत्नों के साथ दुर्लभ दिव्य वनस्पतियों का मिश्रण किया गया है, जिससे नौ दिनों तक बाबा का दिव्य श्रृंगार होगा।
महाराज भोग के तहत बाबा महाकाल को प्रतिदिन सवा क्विंटल (125 किलोग्राम) उत्तम श्रेणी के सूखे मेवों का भोग लगाया जा रहा है। महोत्सव के पहले दिन 125 किलो खजूर अर्पित किए गए, वहीं दूसरे दिन जर्दालू का भोग लगा। आने वाले दिनों में क्रमशः अखरोट, अंजीर, किशमिश, सांगली के बेदाना, पिस्ता और मामरा बादाम का भोग लगाया जाएगा। महाशिवरात्रि के मुख्य दिन 180 किलो काजू अर्पित किए जाएंगे। चांदी के बड़े थाल में स्वर्ण वर्क जड़ित इन मेवों का भोग पुजारी परिवार के माध्यम से गर्भगृह में अर्पित किया जा रहा है।
डॉ. सागर कोलते ने बताया कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से उनके सात विभिन्न उपक्रमों (जैसे सत्व सफायर और बुलियन, सारस आयुर्वेद आदि) को अपार सफलता मिली है। इसी कृतज्ञता भाव से वे यह सेवा अर्पित कर रहे हैं। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल व्यक्तिगत प्रगति है, बल्कि उज्जैन वासियों और कंपनी से जुड़े सभी कर्मचारियों की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करना भी है। प्रतिदिन भोग के पश्चात महाप्रसादी का वितरण प्रेस क्लब के पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में श्रद्धालुओं के बीच किया जा रहा है।
Updated on:
6 Feb 2026, 10:47 PM IST
Published on:
6 Feb 2026, 10:23 PM IST
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