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शहर के बड़े अस्पताल में इलाज के बाद बच्ची की मौत

अधिकारी पहुंचे अस्पताल, डॉक्टर के बयान लेने के साथ ही जांच के लिए दस्तावेज लिए

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शहर के बड़े अस्पताल में इलाज के बाद बच्ची की मौत

अधिकारी पहुंचे अस्पताल, डॉक्टर के बयान लेने के साथ ही जांच के लिए दस्तावेज लिए

उज्जैन. तेजनकर अस्पताल में उपचार के बाद 9 महीने की बच्ची प्रियल की मौत के मामले में जांच शुरू हो गई है। बुधवार को सीएमएचओ डॉ अनुसूइया गवली व एसडीएम राकेश मोहन त्रिपाठी करने जांच तेजनकर हॉस्पिटल पहुंचे। जांच दल ने मामले से जुड़े दस्तावेज परीक्षण के लिए लिए हैं।
कुछ दिन पूर्व उमरिया खालसा निवासी नितिन सोलंकी की नौ महीने की बेटी प्रियल का स्वास्थ्य खराब होने पर डॉ राजेंद्र बोरास्कर से चेकअप करवाया गया था। डॉ बोरास्कर ने तेजनकर अस्पताल में बच्ची को भर्ती किया था। तब निमोनिया संबंधित समस्या बताई गई थी। उपचार के बाद ६ फरवरी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी लेकिन बाद में फिर तबीयत खराब होने पर 10 फरवरी को डॉक्टर को दिखाया गया। इसके बाद देवास और फिर इंदौर में उपचार करवाया गया लेकिन वहां उसकी मौत हो गई। पिता नितिन के अनुसार इंदौर में चिकित्सकों ने बच्ची को दिल की बीमारी होने की जानकारी दी गई। मामले में परिजनों द्वारा कलेक्टर शशांक मिश्र को शिकायत कर चिकित्सक द्वारा लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। कलेक्टर ने सीएमएचओ व एसडीएम का संयुक्त दल गठित कर जांच के निर्देश दिए थे। दल द्वारा जांच शुरू कर दी गई है।
प्रकरण के दस्तावेज लिए
बुधवार शाम एसडीएम त्रिपाठी व सीएमएचओ गवली तेजनकर हॉस्पिटल पहुंचे। यहां उन्होंने प्रकरण संबंधित दस्तावेज जांच के लिए निगरानी में लिए। साथ ही डॉ. बोरास्कर व परिजनों के बयान भी दर्ज किए हैं। दल जांच कर कलेकटर को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।