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Lok Sabha Elections : कथित सर्वे पर सवाल : बागियों की वापसी पर कांग्रेसियों के बगावती सुर

बागियों के खिलाफ कांग्रेसी एकजुट, बोले- वापसी हुई तो पार्टी को होगा नुकसान, कार्यकर्ताओं की भावना होगी आहत

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उज्जैन. लोकसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस में विधानसभा के बागियों को पार्टी में लेने की सुगबुगाहट ने कांग्रेसियों में खलबली मच गई है। शहर के कई कांग्रेसी नेता एकजुट होकर बागियों की वापसी के विरोध में खुलकर सामने आए। नेताओं ने वापसी से फायदा होने के कथित सर्वे पर सवाल तो उठाया ही, वापसी होने से लोकसभा चुनाव में पार्टी को बड़ा नुकसान होने की आशंका भी जताई।

कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़े थे

विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने उज्जैन उत्तर से माया त्रिवेदी, दक्षिण से जयसिंह दरबार और महिदपुर से दिनेश जैन बोस कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़े थे। बागियों की पार्टी में वापसी की अटकलों के चलते स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने मीडिया से चर्चा कर विरोध जताया। सभी ने एक स्वर में कहा, पार्टी से गद्दारी करने वालों को यदि दोबारा पार्टी में लिया जाता है तो इससे आम कार्यकर्ता की भावना आहत होगी, गलत परिपाठी की शुरुआत होगी और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को नुकसान झेलना पड़ेगा। पार्टी द्वारा बागियों के लिए जाने के बाद क्या कदम उठाए जांएगे, इस पर नेताओं ने कहा, हम कार्यकर्ता की भावना पार्टी तक पहुंचकर सचेत करना चाहते हैं। पूर्व पार्षद हिमांशु जोशी ने कहा, सर्वे में बताया जा रहा है कि बागियों को वापस लेने से लोकसभा चुनाव में 6 प्रतिशत वोट बढ़ेंगे, जबकि एेसा होने पर 30 प्रतिशत वोट का नुकसान हो जाएगा। प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता व उज्जैन उत्तर से चुनाव लड़े राजेंद्र भारती, दक्षिण प्रत्याशी रहे राजेंद्र वशिष्ठ, पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनंतनारायण मीणा, पूर्व विधायक महावीर प्रसाद वशिष्ठ सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।

यह बोले नेता
पहले गोरों से लड़े थे, फिर चोरों से लड़े और अब गद्दारों से लड़ेंगे। लोकसभा चुनाव में जीत के लिए कांग्रेस की मजबूती व एकता का पहलू महत्वपूर्ण होगा। इसके लिए जो दोगले किस्म के नेता हैं, जिन्होंने अवसर के अधार पर रानजीति की और कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया, उन गद्दारों को पहचानते हुए उन्हें दरकिनार करना होगा। भीतरघातियों की वजह से जिले की तीन सीट कांग्रेस के हाथ से चली गई। एेसे लोगों को वापस लेने से पार्टी को नुकसान होगा।
- राजेंद्र भारती

जो निर्दलीय लड़े उनकी वजह से निष्ठावान कार्यकर्ता ठगा सा महसूस कर रहा है। कांग्रेस बड़ी संवैधानिक पार्टी है। यह आम चलन हो जाएगा कि पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो लड़ लो, अधिकृत प्रत्याशी को हरा दो और फिर कांग्रेस में आ जाओ। भाजपा उम्मीदवार के साथ साठगांठ करके और चुनाव मैदान में लड़कर कांग्र्रेस को नुकसान पहुंचाना और फिर कांग्रेस में आ जाना, इस तरह के निर्णय से कांग्रेस को फायदा होने की जगह नुकसान होने की आशंका है।
- राजेंद्र वशिष्ठ

सर्वे में पार्टी को फायदा होने की बात कही जा रही है। पहले यह बताया जाए कि सर्वे किस आधार पर हुआ, आखिर एेसा किसने कहा कि बागियों को पार्टी में लेने से फायदा होगा। जो विधानसभा चुनाव में 5-6 प्रतिशत वोट लाए, अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए, एेसे लोगों को वापस लेने से फायदा होने की बात कही जा रही है। इससे तो पार्टी को और नुकसान होगा। हजारों कार्यकर्ता सोचेंगे की पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले को इनाम मिलता है तो एक गलत परिपाटी बनेगी।
- अनंतनारायण मीणा