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गीले-सूखे कचरे के पृथक संग्रहण ने सॉलिड वेस्ट के क्षेत्र में नई क्रांति की…

शहर में कचरे का पृथक संग्रहण सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिहाजा से उपयोगी साबित हो रहा है।

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उज्जैन. शहर में कचरे का पृथक संग्रहण सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिहाजा से उपयोगी साबित हो रहा है। सूखे कचरे की प्रोसेसिंग से निर्मित रेफुजेड फ्यूल सीमेंट, ईंट व रोड निर्माण मैटेरियल के रूप मे काम आ रहा है। गोंदिया स्थित प्लांट में अब तक सूखे कचरे से ७.५ हजार टन फ्यूल तैयार किया गया है। जिसे नामी सीमेंट कंपनियां अपने उपयोग में ले रही हैं।

शहर से हर दिन गाडिय़ों में गीले-सूखे कचरे के पृथक संग्रहण ने सॉलिड वेस्ट के क्षेत्र में नई क्रांति की है। पहले महीनों तक कचरे को सूखाकर या मशीनी तरीके से ये प्रोसेसिंग करना पड़ती थी, लेकिन अब सूखे कचरे से ढेर अलग लगने कम समय व आसानी से रेफुजेड डेराईवहड फ्यूल (आरडीएफ) तैयार हो जाता है। ये मटेरियल अब रोड बनाने दौरान होने वाले भराव में भी उपयोग आ रहा है। उपायुक्त स्वास्थ्य सुनील शाह के अनुसार पृथक कचरा कलेक्शन से प्रोसेसिंग में सुविधा हुई है। सूखे से फ्यूल तो गिले कचरे से जैविक खाद कम मेहनत में तैयार हो जाता है।

स्वच्छता सर्वेक्षण : केंद्र से आया शेड्यूल १९ से टीम परखेगी स्वच्छता की कसौटी
दिल्ली से मिलने वाली लोकेशन के आधार पर सदस्य देखेंगे स्पॉट, निगम ने वार्डवार क्षेत्रों की जानकारी भेजी केंद्र सरकार द्वारा देश के सभी शहरों में कराया जा रहा स्वच्छता सर्वेक्षण शहर में १९ फरवरी से होगा। इसका शेड्यूल नगर निगम के पास आ चुका है। केंद्र की टीम शहर आकर स्वच्छता की कसौटी परखेगी और नागरिकों से फीडबैक लेगी। अब से महज १५ दिन ही टीम को आने में शेष है। ऐसे में निगम ने सामुदायिक टॉयलेट व व्यक्तिगत शौचालयों के काम ओर तेज कर दिए हैं। निगमायुक्त विजय कुमार जे. के अनुसार १९ से टीम सर्वेक्षण के लिए आएगी। हमनें स्वच्छता संबंधी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली है। शहरवासियों का भी अच्छा सहयोग इसमें मिला है। जो भी काम बचे हैं, उन्हें इस अवधि में पूर्ण कर लेंगे। इधर केंद्र की टीम निगम की बताई लोकेशन पर नहीं वे दिल्ली से टैबलेट पर ऑनलाइन मिलने वाली लोकेशन के आधार पर स्पॉट देखेगी। खासकर पिछड़ी बस्तियों व अधिक गंदे क्षेत्रों में जाकर लोगों से जानकारी ली जाएगी।