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उज्जैन. महाकाल मंदिर में दान में आए चांदी के बिल्व-पत्र को भेंट पेटी में डालने के बात पर मंदिर के सेवक और पुजारी में हाथापाई हो गई। सेवक की शिकायत पर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा पुजारी को नोटिस जारी किया जा रहा है।
महाकाल मंदिर में बुधवार रात शयन आरती के दौरान बाहर से आए श्रद्धालु ने चांदी के बिल्व-पत्र भेंट किए थे। इसे भेंट पेटी में डालने की बात पर पुजारी अमर और मंदिर के सेवक मोहलेश गरुड़ के बीच विवाद और हाथापाई हो गई। सेवक गरुड़ गुरुवार को घटना की लिखित में शिकायत की। मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक अवधेश शर्मा ने बताया कि शिकायत के आधार पर नोटिस जारी किया जा रहा है। घटना के सीसीटीवी फुटेज भी देखे जा रहे हंै। नोटिस का जवाब मिलने के बाद प्रकरण की जांच की जाएगी। अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
आने-जाने पर अंगूठा लगाना अनिवार्य
महाकाल मंदिर में अधिकारी, प्रभारी और सेवकों को कार्य पर आने-जाने के दौरान थम्ब मशीन पर दर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं। मंदिर समिति के प्रशासक शर्मा ने बताया कि रिकॉर्ड के अनुसार अनेक सेवक थम्ब मशीन पर उपस्थिति दर्ज नहीं करा रहे हैं। इसे देखत हुए शुक्रवार से थम्ब मशीन पर उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में जारी आदेश का पालन नहीं करने वाले सेवकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
महाकाल मंदिर के सेवकों का बोनस अंशदान स्वीकृत, वेतन का प्रस्ताव
पत्रिका न्यू•ा नेटवर्क
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उज्जैन. महाकाल मंदिर सेवकों को वर्ष २०१७ के वार्षिक बोनस का शेष अंशदान प्रदान किया जाएगा। संभागायुक्त ने इस संबंध में मंदिर प्रबंध समिति के प्रस्ताव का
अनुमोदन कर दिया है। इधर सेवकों के मार्च माह के वेतन राशि का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए तैयार किया जा रहा है।
महाकाल मंदिर के वर्ष 2017-18 के बजट में ३३३ सेवकों को 8.33 प्रतिशत प्रोत्साहन (बोनस) राशि देने का प्रस्ताव किया गया था, किन्तु संभागायुक्त द्वारा 5 प्रतिशत राशि स्वीकृत की गई थी। मंदिर के स्थापना व्यय में कटौती के कारण सेवकों को दीपावली के पहले बजट में प्रस्तावित ८.३३ प्रतिशत की तुलना में ५ प्रतिशत के मान से राशि प्रदान की गई थी। मंदिर के सेवक शेष अंशदान की राशि की मांग लगातार कर रहे थे। इस बीच स्थापना व्यय में पूर्व में की गई कटौती का असर सेवकों के मार्च माह के वेतन पर भी हो गया। वेतन मद में केवल १५ लाख रु. होने के कारण वेतन का भुगतान भी अटक गया था। मामला सामने आने के बाद मंदिर समिति और प्रशासन में हलचल मच गई। इसके बाद ताबड़तोड़ फाइलें चली और अंशदान की स्वीकृति के साथ वेतन प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
करीब १५ लाख का भुगतान होगा
महाकालेश्वर मंदिर में कार्यरत सेवकों के लिए संभागायुक्त एमबी ओझा द्वारा वर्ष 2017 की शेष 3.33 प्रतिशत प्रोत्साहन (बोनस) राशि स्वीकृत कर दी गई है। सभी सेवकों को उनके वेतन के हिसाब से 3.33 प्रतिशत राशि प्रदान की जाएगी,जो ३३३ सेवकों के लिए करीब १५ लाख रु. होगी। इस आशय के आदेश संभागायुक्त द्वारा जारी कर दिए हैं।
Published on:
06 Apr 2018 08:00 am
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