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खुलासा : उज्जैन में डॉ. सिन्हा की एमबीबीएस की मार्कशीट विवादों में फंसी

- बुंदेलखंड युनिवर्सिटी से जारी मार्कशीट में ढेरों स्पेलिंग गलती, आशंका डॉ. सिन्हा ने फर्जी तरीके या नकल कर बनाई

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Disclosure: Controversy over Dr. Sinha's MBBS marksheet in Ujjain

- बुंदेलखंड युनिवर्सिटी से जारी मार्कशीट में ढेरों स्पेलिंग गलती, आशंका डॉ. सिन्हा ने फर्जी तरीके या नकल कर बनाई

उज्जैन। डॉक्टारेट ऑफ मेडिसीन की फर्जी डिग्री के आरोपों में घिरे डॉ. अरुण प्रसाद सिन्हा के अब एबबीबीएस की मार्कशीट भी सवालों के घेरे में आ गई है। आशंका जताई जा रही है कि डॉक्टर सिन्हा ने एमबीबीएस की मार्कशीट फर्जी तरीके या नकल कर बनाई हुई है। इसके पीछ वजह यह है कि डॉ. सिन्हा के मार्कशीट में प्रूफ की ढेरों मिस्टेक होना। बुंदेलखंड युनिवर्सिटी से जारी मार्कशीट में एकेडमिक, उत्तरप्रदेश, इनरॉलमेंट तथा कंट्रोलर की स्पेलिंग तक गलत छपी हुइ है। यहां तक कि जिन विषयों में डॉ. सिन्हा परीक्षा दी है उसमें पैडेट्रिक्स की स्पेलिंग तक गलत लिखी हुई है। जबकि किसी भी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय या कॉलेज द्वारा जो मार्कशीट जारी की जाती है तो स्पेलिंग की गलती न के बराबर होती है। वहीं डॉ. सिन्हा द्वारा दी गई एमबीबीएस की डिग्री में ढेरों गलती सामने आई है, जो दर्शा रही है कि मार्कशीट में बनाने में छेड़छाड़ की गई है या डूप्लीकेट बनाई गई है। हालांकि डॉ. सिन्हा की मार्कशीट को लेकर मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा बनाई गई जांच टीम द्वारा परीक्षण किया जा रहा है।
मार्कशीट का पेर्टन भी दूसरा..ऐसी नहीं होती जारी
डॉ. सिन्हा की एमबीबीएस की मार्कशीट जिस तरह जारी हुई है उस पर भी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल डॉ. सिन्हा की मार्कशीट में हर वर्ष के अंक बताए गए है। इसमें वर्ष २००३-०४ में परीक्षा देने के साथ वर्ष २००४-०५, २००५-०६ तथा २००६-०७ में परीक्षा देना बताया है। वहीं वर्ष २००८ में उन्हें फस्र्ट डिवीजन पास होना बता दिया गया। जबकि अन्य मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की मार्कशीट में वर्ष में दो बार होने वाले प्रोब के नंबर, प्रेक्टिकल के अंक रहते है। डॉ. सिन्हा की मार्कशीट में ऐसा कुछ भी नहीं है।
पोस्ट ग्रेजुएट की डिप्लोमा की मार्कशीट में भी गलतियां
डॉ. सिन्हा के एमबीबीएस की मार्कशीट ही नहीं उनके द्वारा पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा प्रोग्राम की मार्कशीट में प्रूफ की गलतियां सामने आई है। बुंदेलखंड युनिवर्सिटी झांसी से जारी इस मार्कशीट में भी उत्तरप्रदेश, फादर्स, इनरॉलमेंट तक की स्पेलिंग गलत लिखी हुई है। मेडिकल से जुड़े सूत्र बता रहे हैं कि कोई व्यक्ति यदि एमबीबीएस करता है तो उसके बाद एमडी करता है लेकिन डॉ. सिन्हा ने पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा लिया और उसके बाद एमडी की। आशंका जताई जा रही है कि डॉ. सिन्हा ने एमबीबीएस की फर्जी मार्कशीट को छुपाने के लिए फर्जी तरीके से पोस्ट ग्रुजएट डिप्लोमा लिया और इसके बाद एमडी के लिए आवेदन कर दिया। हालांकि डॉ. सिन्हा के पास एमडी की मार्कशीट भी अब तक नहीं मिल पाई है।
डॉ. सिन्हा की इतनी धांधली सामने आई
- डीएम (डॉक्टारेट ऑफ मेडिसीन) की डिग्री पत्राचार से होना सामने आई। इसके फर्जी होने की शिकायत सीएमएचओ से हुई है।
- डॉ. सिन्हा की मार्कशीट में उनके नाम भी अलग -अगल लिखे होना सामने आया है। एक में अरुण कुमार तो दूसरे में अरुण प्रसाद सिन्हा लिखा।
- डॉ. सिन्हा द्वारा फ्रीगंज में खोले गए क्लीनिक की अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं मिल पाया है।
- डॉ. सिन्हा द्वारा दो मरीजों के इलाज में हेवी डोज देने से उनका स्वास्थ्य बिगडऩे के प्रकरण सामने आए।
- डॉ. सिन्हा की पत्नी डॉक्टर चित्रा सिन्हा ने उन पर मारपीट, घर में कैद करने जैसे गंभीर आरोप लगाए।