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उज्जैन। दुर्लभ कश्यप गैंग के दो बदमाशों को सोमवार को कोर्ट ने जिला अस्पताल में हुई हत्या व हत्या के प्रयास के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। बदमाशों ने पहले एक युवक पर सोमवारिया चौराहे पर चाकू से वार किए थे। उसे देखने के लिए उसके तीन दोस्त जिला अस्पताल पहुंचे तो बदमाश पहले से वहां मौजूद थे। तीनों के आते ही उन पर भी चाकू से हमला कर दिया था। इस पूरे घटनाक्रम में एक युवक की मौत हो गई थी और दो गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
जानकारी के मुताबिक फरियादी जयप्रकाश के दोस्त प्रदीप खत्री पर 11 जनवरी 2018 की रात को किसी ने सोमवारिया चौराहे के समीप चाकू से वार कर दिए थे। उसे देखने उसका दोस्त कान्हा, गोलू के साथ बाइक से अस्पताल पहुंचा था। अस्पताल में पहले से मौजूद दुर्लभ कश्यप, राजदीप मंडलोई, हेमंत उर्फ बोखला, सोनू ठाकुर, तुषार खत्री ने जप्रकाश व उसके दोस्तों पर चाकू से हमला कर दिया था। पेट में चाकू लगने से कान्हा की मौत हो गई थी। जबकि जयप्रकाश व गोलू को गंभीर हालत में उपचार के लिए इंदौर रैफर कर दिया गया था।
18 हजार रुपए का जुर्माना लगाया
जयप्रकाश ने कोतवाली पुलिस को 12 जनवरी 2018 को इंदौर के निजी अस्पताल में आरोपियों के खिलाफ बयान दिए थे। इस पर पुलिस ने सभी आरोपियों पर हत्या की धारा 302 व जानलेवा हमले की धारा 307 के तहत केस दर्ज किया था। सोमवार को कोर्ट ने हेमंत उर्फ बोखला और तुषार खत्री को दोषी करार देते हुए दोनों को धारा 302 आजीवन कारावास एवं धारा 307/149 छह-छह साल कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा बदमाशों पर 18 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
इन्हें कर दिया बरी
कोर्ट ने मामले में अभियुक्त राहुल एवं बाबू टायर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। जबकि दुर्लभ कश्यप की सितंबर 2020 में हेलावाड़ी क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। हत्या वाले दिन वह सुबह चाय व सिगरेट पीने के लिए एक दुकान पर गया था। यहां उसका शाहनवाज गैंग के सदस्यों के साथ विवाद हो गया था। शाहनवाज गैंग के सदस्यों ने उसकी चाकू मारकर हत्या कर दी थी।
Published on:
15 Nov 2022 03:38 pm
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