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दो रंग में बिजली के बिल

मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली बिल को अलग-अलग रंग का करने का प्रस्ताव बनाया था। इसके उर्जा मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया है। अब बिजली कंपनी सब्सिडी उपभोक्ताओं को पीले और सामान्य को सफेद रंग का बिल जारी करेंगी।

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Electricity Bill

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उज्जैन. घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के बिलों को रंगों में बांटने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। आने वाले दिनों में बिजली बिल का रंग बदलने वाला है। इसमें सामान्य उपभोक्ताओं और सब्सिडी उपभोक्ताओं के बिल अलग-अलग रंगों के होंगे। किसी महीने आपके घर में बिजली की खपत 150 यूनिट तक सीमित रही तो आपके घर सामान्य नहीं बल्कि पीले रंग का बिल पहुंचेगा। सितंबर से बिजली के बिल दो रंगे के हो रहे हैं। इंदिरा गृह ज्योति योजना के लाभ के दायरे में आने वाले उपभोक्ताओं को पीले रंग का बिल दिया जाएगा। शेष सभी उपभोक्ताओं को पहले की तरह सफेद बिल मिलेगा। उपभोक्ताओं को अलग-अलग रंगों के बिलों का प्रस्ताव मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बनाया था। ऊर्जा मंत्रालय को पश्चिम क्षेत्र कंपनी का प्रस्ताव पसंद आया । इसके बाद प्रदेश की तीनों बिजली कंपनियों को दो तरह के अलग- अलग बिल जारी करना होंगे। शासन ने पहले इंदिरा गृह ज्योति योजना में सिर्फ गरीब व श्रमिक श्रेणी के उपभोक्ताओं को शामिल किया था। इसमें मप्र पश्चिम क्षेत्र कंपनी में 20 लाख उपभोक्ता पंजीकृत हैं। बीते दिनों जारी आदेश के बाद 150 यूनिट तक खपत करने वाले हर उपभोक्ता को इस योजना का लाभ देने का ऐलान किया गया है। जब खपत कम होगी तो बिल का रंग बदल जाएगा। खपत ज्यादा हुई तो बिल हमेशा की तरह सफेद रंग का होगा। कंपनी फिलहाल प्रदेशभर में बिलों की छपाई करती है, जो एक जैसे सफेद रंग के कागज पर जारी होते हैं। कंपनी के मुताबिक, उपभोक्ताओं की सुविधा, उसे पढऩे में दिक्कत नहीं आए, पूरा विवरण स्पष्ट दिखे, ऐसे तमाम पहलुओं को ध्यान में रख नए रंग प्रस्तावित किए हैं।पांच सौ तक आएगा बिजली का बिलउपभोक्ताओं के बिलों के रंग को देखकर ही अब समझा जा सकेगा कि उसके यहां कम राशि का बिल है या ज्यादा। पीले रंग का बिल 150 यूनिट की खपत तक दिया जाएगा। शासन की घोषणा के अनुसार इस सीमा में बिजली खपत होने पर पहली सौ यूनिट के लिए 1 रुपए प्रति यूनिट पैसा लिया जाएगा। बाद की 50 यूनिट तक सामान्य दर पर शुल्क लिया जाएगा। इस आधार पर हिसाब लगाया जाए तो पीले रंग के बिल का सीधा मतलब होगा उस उपभोक्ता को 500 रुपए से कम ही बिल जमा करना है। बिजली कंपनी के मुताबिक कई उपभोक्ताओं को भ्रम है कि पूरे 150 यूनिट तक हर यूनिट के लिए 1 रुपए चार्ज किया जाना है। शासन की योजना का प्रारूप ऐसा है कि 1 रुपए यूनिट पहली 100 यूनिट तक लगेगा उसके बाद 50 यूनिट का शुल्क सामान्य यानी करीब साढ़े छह रुपए प्रति यूनिट लिया जाएगा। लेकिन अगर खपत 150 यूनिट के पार पहुंची तो सामान्य शुल्क यानी 7 रुपए से ज्यादा पैसा चुकाना होगा। ऐसे में बिल का रंग भी पहले की तरह सफेद ही रहेगा।
बिल प्रारूप में बदलाव नहीं
बिल दो रंग के होंगे। इसमें एक बिजली बिल सामान्य उपभोक्ताओं के लिए होगा, जबकि दूसरा सब्सिडी वाले यानी 150 यूनिट प्रतिमाह वाले उपभोक्ताओं का। इससे यह पहचान हो जाएगी कि उपभोक्ता कौन सी श्रेणी का है। सितंबर से रंग का यह पैमाना लागू होगा। बिजली बिल के प्रारूप में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा।