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प्राचीन भाषा संस्कृत में बात करेंगे इंजीनियर, देश में हैं 120 केंद्र

आने वाले समय में तकनीकी छात्र सामान्य संस्कृत भाषा में बात करते नजर आएंगे। शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में संस्कृत केंद्र की स्थापना की गई है।

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Lalit Saxena

Sep 02, 2016

Engineering students will speak in Sanskrit

Engineering students will speak in Sanskrit

उज्जैन. आने वाले समय में तकनीकी छात्र सामान्य संस्कृत भाषा में बात करते नजर आएंगे। शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में संस्कृत केंद्र की स्थापना की गई है। विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों व परिजन को भी संस्कृत भाषा का ज्ञान दिया जाएगा। भारत में अब तक करीब 120 केंद्र खोले जा चुके हैं।

सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में संस्कृत केंद्र की स्थापना की गई है। राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान नामित विश्वविद्यालय के सहयोग से अस्थाई केंद्र की स्थापना हुई है। यहां पर विद्यार्थियों के साथ शिक्षक, स्टाफ और उनके परिजन को भी सरल तरीके से संस्कृत भाषा में बात करना सिखाया जाएगा।



लोगों को संस्कृत से जोडऩे
केंद्र का उद्घाटन शुक्रवार दोपहर 3 बजे विश्वेश्वरैया सेमिनार हॉल में किया। लोगों को संस्कृत से जोडऩे और संस्कृत भाषा का ज्ञान देने के लिए विवि की ओर से पं. देवकरण शर्मा की नियुक्ति की गई है। वह संस्कृत के आचार्य के रूप में 2017 तक महाविद्यालय में अपनी सेवा देंगे। बता दें कि भारत में अब तक एेसे 120 केंद्र खोले जा चुके हैं। महाविद्यालय में केंद्र के शुभारंभ अवसर पर अतिथि के रूप में प्रमोद शर्मा प्रांत संगठन मंत्री संस्कृत भारती इंदौर, योगेश त्रिपाठी प्राचार्य महाकाल संस्कृत शोध संस्थान व प्रो. राजेश्वर शास्त्री मूसलगांवकर विभागाध्यक्ष वेद, ज्योतिष, संस्कृत अध्ययनशाला विक्रम विवि उपस्थित रहे।



प्रतिदिन 1.30 घंटे की क्लास
केंद्र में नियमित दो सत्रों में संस्कृत की क्लास लगेगी। प्रतिदिन सुबह 9 से 10.30 बजे और शाम 5 से 6.30 बजे तक समय रहेगा। विद्यार्र्थी निर्धारित प्रपत्र में फोटो, जन्मतिथि के प्रमाण के साथ 350 रुपए शुल्क से पंजीयन कर सकते हैं। प्रवेश होने पर विद्यार्थी को 400 रुपए की पुस्तक लाइब्रेरी से नि:शुल्क प्रदान की जाएगी। इसमें संस्कृत का शब्दकोष व अन्य संस्कृत कला संबंधी पुस्तकें होगी।

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