केंद्र का उद्घाटन शुक्रवार दोपहर 3 बजे विश्वेश्वरैया सेमिनार हॉल में किया। लोगों को संस्कृत से जोडऩे और संस्कृत भाषा का ज्ञान देने के लिए विवि की ओर से पं. देवकरण शर्मा की नियुक्ति की गई है। वह संस्कृत के आचार्य के रूप में 2017 तक महाविद्यालय में अपनी सेवा देंगे। बता दें कि भारत में अब तक एेसे 120 केंद्र खोले जा चुके हैं। महाविद्यालय में केंद्र के शुभारंभ अवसर पर अतिथि के रूप में प्रमोद शर्मा प्रांत संगठन मंत्री संस्कृत भारती इंदौर, योगेश त्रिपाठी प्राचार्य महाकाल संस्कृत शोध संस्थान व प्रो. राजेश्वर शास्त्री मूसलगांवकर विभागाध्यक्ष वेद, ज्योतिष, संस्कृत अध्ययनशाला विक्रम विवि उपस्थित रहे।