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जिला अस्पताल में बढ़ेगी सुविधा: दो नई सोनोग्राफी मशीन मिली, बिजली संकट दूर करने नए जनरेटर से कनेक्शन

पत्रिका बिग इंपैक्ट: सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं और बेहतर होंगी, अनुबंध पर नौ नए डॉक्टर्स मिले, पुराने भवन की दशा सुधारने विशेषज्ञों ने निरीक्षण किया

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Facility will increase in district hospital

पत्रिका बिग इंपैक्ट: सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं और बेहतर होंगी, अनुबंध पर नौ नए डॉक्टर्स मिले, पुराने भवन की दशा सुधारने विशेषज्ञों ने निरीक्षण किया

उज्जैन. जिला अस्पताल में उपचार व्यवस्थाएं पहले से और बेहतर होंगी। मरीजों की सुविधा के लिए नए आधुनिक उपकरणों के साथ ही डॉक्टर्स की संख्या बढ़ाई गई है। मरीजों को जिला अस्पताल के साथ ही माधवनगर हॉस्पिटल में भी सोनोग्राफी की सुविधा मिल सकेगी। अच्छी बात यह है कि स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य प्रशास के और प्रयास जारी हैं।

आगररोड स्थित शासकीय जिला अस्पताल संभाग का सबसे बड़ा रैफरल हॉस्पिटल भी है। यहां जिले के साथ ही संभाग व अन्य जिलों तक से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद कई जरूरी सुविधाओं की कमी के कारण स्वास्थ्य व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। पत्रिका ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं में रोड़ा बन रही इन कमियों को प्रमुखता से उठाया। स्वास्थ्य प्रशासन ने भी सुविधाओं में बढ़ोतरी के लिए उज्जैन से लेकर भोपाल तक शिद्दत से प्रयास किए। परिणाम स्वरूप जिला अस्पता में कुछ नई सुविधाएं बढ़ी हैं वहीं कुछ के लिए प्रयास तेज हुए हैं।

यह सुविधाएं जिनसे सुधरेंगे अस्पताल के हाल
दो नई सोनोग्राफी मशीन- स्वास्थ्य विभाग को दो नई सोनोग्राफी मशीन मिली हैं। इसके बाद स्वास्थ्य प्रशासन के पास तीन सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध हो गई हैं। नई मशीनों में से एक जिला अस्पताल व एक माधवनगर में लगाई जाएगी। चरक भवन में पहले से ही एक मशीन है। बता दें कि जिला अस्पताल में एक भी सोनोग्राफी मशीन नहीं थी इसलिए यहां यह सुविधा नहीं मिल पा रही थी। माधवनगर में भी यह सुविधा नहीं थी।

अब नहीं होगा अंधेरा- जिला अस्पताल का पुरान जनरेटर खराब हो गया था। यहां विद्युत सप्लाई बंद होने पर पूरा अस्पताल ब्लैक आउट हो जाता था। यहां तक कि आइसीयू में भी लाइट नहीं रहती थी। अब ऑक्सीजन प्लांट के नए जनरेटर से जिला अस्पताल भवन की लाइट को जोड़ा जा रहा है। कुछ दिन में काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद विद्युत सप्लाई बंद होने पर भी जनरेटर से अस्पताल में बिजली व्यवस्था बहाल रखी जा सकेगी। इसके अलावाव अस्पताल में प्रथक ट्रांसफार्मर भी लगा दिया गया है जिससे सिर्फ अस्पताल में ही बिजली सप्लाई होती है।
उपचार के लिए और डॉक्टर मिले- शासन द्वारा अनुबंधित नौ नए डॉक्टर हाल ही में अस्पताल में पदस्थ किए गए हैं। इनमें दंत चिकित्सक भी हैं। नए डॉक्टस में से कुछ को चरक में पदस्थ किया है वहीं कुछ को जनरल ड्यूटी में लगाया है। हाल ही में एनेस्थिशियन भी उपलब्ध हुए हैं।
भवन की हालत सुधरेगी- जिला अस्पताल का भवन पुराना है वहीं संधारण की कमी के चलते छत व दीवारों से बारिश का पानी रीसने की समस्या भी हो रही है। आइसीयू में भी यह परेशानी है। यह स्थिति मरीजों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। सिविल सर्जन की मांग पर एक दिन पूर्व ही एनएचएम के इंजीनियर्स की टीम ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया है। अब टीम द्वारा विशेष संधारण के लिए एस्टीमेट प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बार पर भवन का जिर्णोद्धार हो सकेगा।
मच्छर रोधक जाली लगेगी, संधारण होगा- आसपास से परिसर खुला होने के कारण जिला अस्पताल में मच्छरों की समस्या है। यहां मच्छर रोधक जालियां लगी थीं लेकिन यह फट चुकी हैं। सामान्य संधारण व्यवस्था के अंतर्गत अब यहां नई जालियां लगाई जाएंगी। इसके अलावा जिला अस्पताल व चरक भवन में कुर्सी-टेबल, बैड, दरवाजे, वॉश रूम आदि से संबंधित छुट-मुट संधारण कार्य हो सकेंगे। इसके लिए फंड भी जारी हो चुका है।

बेहतर व्यवस्था का सफर जारी
- जिला अस्पताल में २० बैड का नया आइसीयू बनाया जा रहा है।
- अभी एक ही सोनोलाजिस्ट है। दो नए और सोनोलॉजिस्ट पदस्थ करने का प्रस्ताव भेजा है।
- जिला अस्पताल में एमआरआई सुविधा शुरू करने के प्रयास जारी हैं।
- सफाई-सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- माधवनगर में गर्भवतियों के लिए डिलेवरी सुविधा शुरू की गई है। अब यहां ऑपरेशन सुविधा शुरू करने की तैयारी है।
- माधवनगर अस्पताल में सिटी स्कैन सुविधा बढ़ाने का प्रस्ताव है।

इनका कहना
जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं देने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। दो नई सोनोग्राफी मशीन प्राप्त हुई हैं। सोनोलॉजिस्ट की भी मांग की है। अनुबंधित नए डॉक्टर्स पदस्थ होने के साथ अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई हैं। संधारण कार्य भी करवाए जाएंगे।
- डॉ. पीएन वर्मा, सिविल सर्जन