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गढ़कालिका मंदिर में परंपरागत पूजन अधिकार के विपरीत पुजारी नियुक्ति की कवायद

महाकवि कालिदास की आराध्य देवी मां गढ़कालिका में पुजारी की नियुक्ति को लेकर प्रशासन द्वारा स्वीकार किया गया आवेदन सवालों के घेरे में आ गया है। मंदिर में पूजा-अर्चना का अधिकार नाथ संप्रदाय को है और तहसीलदार ने गिरि सम्प्रदाय के व्यक्ति का आवेदन स्वीकार कर दावे-आपत्ति मांगे हैं। नाथ संप्रदाय की ओर से दो वर्ष पहले परंपरागत पूजन के अधिकार देने और नाथ संप्रदाय से पुजारी नियुक्त करने के लिए आवेदन दिया गया था।

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उज्जैन. महाकवि कालिदास की आराध्य देवी मां गढ़कालिका में पुजारी की नियुक्ति को लेकर प्रशासन द्वारा स्वीकार किया गया आवेदन सवालों के घेरे में आ गया है। मंदिर में पूजा-अर्चना का अधिकार नाथ संप्रदाय को है और तहसीलदार ने गिरि सम्प्रदाय के व्यक्ति का आवेदन स्वीकार कर दावे-आपत्ति मांगे हैं। नाथ संप्रदाय की ओर से दो वर्ष पहले परंपरागत पूजन के अधिकार देने और नाथ संप्रदाय से पुजारी नियुक्त करने के लिए आवेदन दिया गया था। उस पर विचार ही नहीं किया गया।

कलेक्टर के समक्ष लिखित में आपत्ति दर्ज की

नाथ संप्रदाय ने इस पर कलेक्टर के समक्ष लिखित में आपत्ति दर्ज की है। मां गढ़कालिका मंदिर में पुजारी पद पर नियुक्ति के लिए पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के रिश्तेदार विपिन गिरि ने आवेदन प्रस्तुत किया है। इसे तहसीलदार उज्जैन ने स्वीकार कर दावे और आपत्ति मांगे हैं। इस मामले सुनवाई होती इसके पहले ही आवेदन को स्वीकार करने के साथ प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल प्राचीन समय से मां गढ़कालिका मंदिर में पूजन का अधिकार नाथ संप्रदाय का है। करीब दो वर्ष पहले पुजारी का स्वर्गवास हो जाने के बाद से मंदिर में स्थायी पुजारी नहीं हैं। तहसीलदार उज्जैन ने मंदिर पूजन के संप्रदाय और वंश परंपरागत के साथ अधिकार को संज्ञान में लिए बगैर आवेदन स्वीकार कर लिया है। परंपरागत पूजन अधिकार के विपरीत पुजारी नियुक्ति के आवेदन में राजनीतिक दबाव-प्रभाव की बात भी सामने आ रही है।

अपने-अपने तर्क इनका कहना
नाथ संप्रदाय और गिरि संप्रदाय दोनों अलग-अलग हैं। मां गढ़कालिका में प्राचीन समय से पूजन का अधिकार परंपरागत तौर पर नाथ संप्रदाय का है। नाथ संप्रदाय शिवदल से है। नाथ संप्रदाय का गिरि, पुरी संप्रदाय की कोई संबंध नहीं है। गढ़कालिका मंदिर में पुजारी के लिए नाथ संप्रदाय की ओर से दो वर्ष पहले आवेदन दिया गया था। उस पर प्रशासन द्वारा विचार नहीं किया गया है। वर्तमान में जो नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है, उस पर नाथ संप्रदाय ने आपत्ति ली है।

-पीर रामनाथ महाराज, गादिपति भृतहरि गुफा नाथ संप्रदाय
नाथ, गिरि, पुरी और भारती एक की संप्रदाय है। गढ़कालिका मंदिर में गिरि संप्रदाय को पूजन का अधिकार है। इसके अलावा मंदिर में पुजारी का पद रिक्त है। किसी को तो पुजारी नियुक्त करना ही है। इस पर मेरे एक रिश्तेदार द्वारा आवेदन किया गया है।
- महंत राजेंद्र भारती, मंगलनाथ मंदिर

आवेदन विचाराधीन हैपुजारी की नियुक्ति का आवेदन विचाराधीन है। दावे-आपत्ति के बाद नियमानुसार इस संबंध में अगली प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
- श्रीकांत शर्मा, तहसीलदार उज्जैन