
मप्र विधानसभा चुनाव-23 उज्जैन: शासकीय कर्मचारियों ने पोस्टल बैलेट में कांग्रेस को जिताया
विधानसभा चुनाव में प्रदेश सहित जिले में भाजपा ने बढ़त पाई है लेकिन पोस्टल बैलेट के माने से शासकीय कर्मचारियों के मत में कांग्रेस अधिक थी। यही कारण है कि डाक मत पत्र में कांग्रेस प्रत्याशी भाजपा से काफी आगे थे।
पिछले चुनाव की तुलना में जिले में भाजपा ने दो सीट पर बढ़त पाई वहीं कांग्रेस को दो का नुकसान हुआ है। इसके विपरित पोस्टल बैलेट के मामले में इस बार ६ सीटों पर कांग्रेस को अधिक वोट मिले हैं। सिर्फ बड़नगर ही ऐसी सीट हैं जहां भाजपा प्रत्याशी को इवीएम मतों के साथ पोस्टल बैलेट भी अधिक मिले हैं। इन पोस्टल बैलेट में दिव्यांग व ८० प्लस बुजुर्ग के साथ ही बड़ी संख्या उन शासकीय कर्मचारियों के मतों की थी जिन्होंने चुनाव में ड्यूटीरत होने के चलते डाक मत पत्र से अपने विधायक का चयन किया था।
भाजपा से कर्मचारी नाराज होने के संकेत
चुनाव पूर्व कई कर्मचारी संगठनों ने अपनी-अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था। इससे माना जा रहा था कि शासकीय कर्मचारियों का बड़ा वर्ग वर्तमान भाजपा सरकार से संतुष्ट नहीं है। डाक मत पत्रों के परिणाम को इसअसंतुष्टी से जोड़कर देखा जा रहा है।
कांग्रेस को ५५ तो भाजपा को ४१ फीसदी वोट
जिले में कुल ८ हजार ४० डाक मत पत्र मान्य हुए हैं। इनमें ५५ प्रतिशत मत कांग्रेस प्रत्याशियों को मिले हैं। भाजपा प्रत्याशियों को इनमें से महज ४०.६० फीसदी वोट ही प्राप्त हुए हैं। इनके अलावा अन्य को २.३७ व नोटा को ०.८० प्रतिशत वोट मिले हैं।
महिदपुर में भाजपा को सबसे कम डाक मत मिले
१. नागदा-खाचरौद- कांग्रेस के सिटींग एमएलए दिलीपसिंह गुर्जर को ५७.४९ प्रतिशत जबकि भाजपा के डॉ. तेजबहादुरसिंह चौहान को ३९.३७ प्रतिशत डाक मत पत्र मिले। यहां नोटा को ०.४१ व अन्य को २.६९ प्रतिशत पोस्टल वोट मिले। यहां तेजबहादुर जीते हैं।
२. महिदपुर- भाजपा के सिटिंग एमएलए बहादुरसिंह चौहान को जिले में सबसे कम डाक मत पत्र मिले। उन्होंन सिर्फ ३०.५ प्रतिशत जबकि भाजपा के दिनेश जैन बोस को ६१.३३ फीसदी डाक मत मिले। यहां नोटा को ०.१६ और अन्य को ९ फीसदी वोट मिले हैं। यहां दिनेश जैन बोस जिते हैं।
३. तराना- कांग्रेस के सिटींग एमएलए को महेश परमार को ५८ तो भाजपा के ताराचंद गोयल को ४१.०५ प्रतिशत डाकमत पत्र मिले। नोटा को ०.२२ वहीं अन्य को ०.३६ प्रतिशत वोट मिले हैं। यहां महेश परमार जिते हैं।
४. घट्टिया- कांग्रेस के सिटींग एमएलए रामलाल मालवीय को ६२.९४ जबकि भाजपा के सतीष मालवीय को सिर्फ ३४.११ प्रतिशत डाक मत मिले। जिले में वे दूसरे प्रत्याशी जिन्हें सबसे कम डाक मत पत्र मिले। यहां नोटा को ०.४४ तो अन्य को २.५ प्रतिशत वोट मिले हैं। सतीष चुनाव जीते हैं।
५. उज्जैन उत्तर- कांग्रेस की महिला प्रत्याशी माया त्रिवेदी को ५०.७४ वहीं भाजपा के अनिल जैन को ४०.९० प्रतिशत पोस्टल बैलेट मिले हैं। माया जिले में कांग्रेस की दूसरी प्रत्याशी है जिन्हें सबसे कम पोस्टल बेलेट मिले। यहां नोटा को १.३५ व अन्य को ०.९९ प्रतिशत डाक मत पत्र मिले हैं। अनिल जैन चुनाव जीते हैं।
६. उज्जैन दक्षिण- कांग्रेस के युवा प्रत्याशी चेतन यादव को ५५.९१ वहीं भाजपा के सिटिंग एमएलए व मंत्री मोहन यादव को ४०.९७ प्रतिशत डाक मत पत्र मिले हैं। यहां नोटा को १.३४ और अन्य को १.७७ प्रतिशत वोट मिले। मोहन यादव चुनाव जीते हैं।
७. बड़नगर- यहां कांग्रेस के सिटींग एमएलए मुरली मोरवाल को जिले के कांग्रेस प्रत्याशियों में सबसे कम महज ३९.५० फीसदी वोट मिले हैं। भाजपा के जितेंद्रसिंह पंड्या को ४२.३७ फीसदी डाक मत पत्र मिले है। पंड्या इकलोते भाजपा प्रत्याशी रहे जिन्हें कांग्रेस ज्यादा डाक मत पत्र मिले। वे भाजपा प्रत्याशियों में भी सर्वाधिक डाक मत पत्र पाने वाले प्रत्याशी हैं। यहां नोटा को ०.५२ व अन्य को ४.५६ डाक मत पत्र मिले हैं। पंड्या की जीत हुई है।
जिले में किसे डाक मत पत्र मिले
विधानसभा कुल कांग्रेस भाजपा नोटा अन्य
नागदा-खाचरौद ९२७ ५३३ ३६५ ४ २५
महिदपुर ६०० ३६८ १८३ १ ५४
तराना १३५२ ७८९ ५५५ ३ ५
घट्टिया ६८० ४२८ २३२ ३ १७
उज्जैन उत्तर १४०५ ७१३ ६५९ १९ १४
उज्जैन दक्षिण २३०९ १२९१ ९४६ ३१ ४१
बड़नगर ७६७ ३०३ ३२५ ४ ३५
कुल ८०४० ४४२५ ३२६५ ६५ १९१
Published on:
05 Dec 2023 01:35 pm
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