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राज्यपाल ने किया महर्षि पाणिनि विवि की 18 पुस्तकों का विमोचन और कक्षाओं का उद्घाटन

महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय का १४वां स्थापना दिवस पर राज्यपाल बोले... हमें अपने साथ दूसरों के जीवन को भी संवारने के प्रयास करना चाहिए

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Governor released 18 books of Maharishi Panini University

विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर राज्यपाल बोले... हमें अपने साथ दूसरों के जीवन को भी संवारने के प्रयास करना चाहिए

उज्जैन. बुधवार को महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय का १४वां स्थापना दिवस था। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के राज्यपाल व कुलाधिपति मंगू भाई पटेल ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा उज्जैन शिक्षा के प्राचीनतम केंद्रों में से एक है। छात्रों के चरित्र का निर्माण अध्यापक करता है। चरित्र से ही भविष्य का निर्माण होता है। उन्होंने यह भी कहा कि संस्कारों का ङ्क्षसचन बाल्यावस्था से ही होता है। हमें अपने साथ दूसरों के जीवन को भी संवारने के प्रयास करना चाहिए। स्थापना दिवस समारोह में विश्वविद्यालय की 18 पुस्तकों का विमोचन, विवि की ऐप एमपीएसवीवी, पाणिनि प्राध्यापकपीठ व सांध्यकालीन कक्षाओं का उद्घाटन हुआ।
स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन विक्रम कीर्ति मंदिर पर हुआ, जिसमें प्रदेश के उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, भारतीय भाषा समिति, नईदिल्ली के अध्यक्ष पद्मश्री चमूकृष्ण शास्त्री, महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान, भोपाल के अध्यक्ष भरत बैरागी, उज्जैन नगर निगम के महापौर मुकेश टटवाल, पाणिनि के कुलपति प्रो. विजय कुमार सी जी, कुल सचिव, दिलीप सोनी मंचासीन रहे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के वरिष्ठ संस्कृत विद्वान प्रो. मिथिलाप्रसाद त्रिपाठी को पाणिनि संस्कृत सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया।
ग्रंथों का विमोचन उज्जैन के लिए एक ज्ञान यात्रा
कार्यक्रम में मुख्यातिथि उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रंथों का विमोचन उज्जैन के लिए एक ज्ञान यात्रा का स्वरूप रहा। उन्होंने राजा विक्रमादित्य शौर्य के साथ के धार्मिक एवं दान देने के लिए प्रसिद्धि की बात कही। सारस्वतातिथि के रूप में भारतीय भाषा समिति, नई दिल्ली के अध्यक्ष शास्त्री ने कहा कि संस्कृत वाड्मय का स्वरूप भारतीय ज्ञान परम्परा का अनुकरण एवं समन्वयन आइआइटी, आइआइएम जैसी आधुनिक संस्थाएं भी कर रहीं हैं।
संकल्प था १४ ग्रंथ का, १८ हो गए
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सीजी ने कहा कि मैंने सोचा था कि विवि के १४वें स्थापना दिवस पर १४ ग्रंथों का प्रकाशन करेंगे, लेकिन हमारे प्राध्यापकों का उत्साह और लगन से १८ ग्रंथों का प्रकाशन हो गया और आज राज्यपाल की उपस्थिति में इनका विमोचन भी हो गया। राज्यपाल की उपस्थिति में 18 पुस्तकों का विमोचन गौरवान्वित कर रहा है। स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में योगनृत्य एवं कथक नृत्य छात्रा डॉ. खुशबू पांचाल ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में कार्यपरिषद सदस्य, विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश पांडेय, कुलसचिव प्रो. प्रशांत पौराणिक, प्रो. केदारनारायण जोशी, डॉ. तुलसीदास परौहा, डॉ. उपेंद्र भार्गव के साथ गणमान्य, विश्वविद्यालय के प्राध्यापक गण, कर्मचारी एवं छात्र उपस्थित रहे। संचालन डॉ. अखिलेश द्विवेदी एवं धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सोनी ने किया।