
चिकित्सकीय राय, हरी सब्जी-भाजी सेहतमंद
उज्जैन. सर्दी के इस मौसम में बाजार में हरी ताजी और पत्तेदार सब्जियों की बहार आ गई है। ये सब्जियां खाने में तो लज्जतदार होती ही हैं, सेहत की दृष्टि से भी बहुत गुणकारी होती हैं। हरी सब्जियों में विटामिन, आयरन, प्रोटीन की मात्रा भरपूर होती है। डॉक्टर भी हरी सब्जियों को खाने की सलाह देते हैं। इस वक्त में बाजार में मेथी, पालक, बथुआ, मूली के पत्ते, सरसो, चने की भाजी और चवली की भाजी की आवक है।
ये सब्जियां है गुणकारी
मेथी: यह लगभग हर घर में पसंद की जाती है। मैथी के पराठे हो, आलू मैथी हो या फिर मैथी मटर, बच्चे-बुर्जुग सभी इसे चाव से खाते हैं। कई लोग मैथी का सूप भी पीते हैं, जो पाचन क्रिया को ठीक रखने में सहायक होता है। मेथी में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। ये गुणकारी तत्व जोड़ों की सूजन को कम करके अर्थराइटिस के दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। मेथी में आयरन, कैल्शियम और फास्फोरस भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा मेथी हृदय रोग, कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह और वजन घटाने में भी सहायक है।
पालक: पालक वैसे तो हर मौसम में मिलती है, लेकिन सर्दी के समय आई पालक का स्वाद ज्यादा अच्छा होता है। पालक से पकौड़, पूरी, पराठे, पालक पनीर सहित ढेरों किस्म के पकवान बनते हैं। पालक एक ऐसा पौष्टिक आहार है, जिसमें हर तरह के जरूरी विटामिन होते हैं। जैसे विटामिन ए, सी, के , फोलिक एसिड्स , कैल्शियम और आयरन। पालक में 91त्न असल में पानी ही है। इसका सेवन करने से आपका शरीर हाइड्रेटेड भी रहता है। पालक वजन घटाने के लिए, कैंसर में, आंखों के स्वास्थ्य के लिए , हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए , मस्तिष्क स्वास्थ्य और तंत्रिका तंत्र के लिए, हार्ट अटैक के खतरे में, ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए, एनीमियाके खतरे को कम करने में, पाचन क्रिया ठीक रहने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में पालक सहायक होती है।
बथुआ: यह सब्जी सिर्फ सर्दी के मौसम में ही आती है। इसका स्वाद थोड़ा चुभनभरा होता है, लेकिन सेहत के लिए बहुत असरदार सब्जी है। बथुआ को बाथला भी कहा जाता है। मालवा में इसे छाछ के साथ बनाया जाता है। बथुए में एमिनो एसिड्स, आयरन, पोटेशियम, फॉस्फोरस और कैल्शियम भी मौजूद होते हैं। इसलिए बथुए को सर्दियों की सबसे पौष्टिक सब्ज़ी माना जाता है। यह कब्ज़ से राहत दिलाता है, सेल्स को रिपेयर करता है, वजऩ कम करने में मदद करता है, खून को साफ करता है और बालों को स्वस्थ्य रखता है।
सरसो का साग: सरसों का साग और मक्के की रोटी के स्वाद से हर कोई परिचित है। यह पारंपरिक पंजाबी स्वाद आजकल हर वर्ग को पसंद आता है। सरसो की भाजी मुख्य तौर पर सर्दी में ही आती है। इसके अगर सरसो के तेल के साथ ही बनाया जाए तो स्वाद दोगुना हो जाता है। सरसो के साग में मैंग्नीज, विटामिन ई और फोलेट भी पाए जाते हंै। इसमें पाए जाने वाले विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन के फ्री रैडिकल्स से होने वाले नुकसान से हमें बचाते हैं। साथ ही अस्थमा, दिल की बीमारियां और मेनोपॉज के लक्षणों में फायदा पहुंचाते हैं।
Published on:
02 Dec 2021 11:37 pm
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