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हैरिटेज बिल्डिंग का रूप लेंगे शहर के पुराने भवन

स्मार्ट सिटी में धरोहरों को सहेजने की कवायद, शुरुआत में महाराजवाड़ा स्कूल भवन का चयन

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उज्जैन. ऐतिहासिक शहर उज्जैन की पुरानी इमारतों को स्मार्ट सिटी अंतर्गत सहेजने और पर्यटन दृष्टि से विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है। योजना की शुरुआत में महाकाल मंदिर के नजदीक स्थित महाराजवाड़ा स्कूल के भवन का चयन किया है। योजना सफल होती है तो शहर के कुछ ऐसे ही अन्य भवनों को भी हैरिटेज बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जाएगा।
स्मार्ट सिटी अंतर्गत हैरिटेज बिल्डिंग के लिए महाराजवाड़ा स्कूल के भवन का चयन किया गया है। वर्तमान में यहां शासकीय कन्या विद्यालय संचालित हो रहा है। निकट भविष्य में स्कूल शिफ्ट होने के बाद इस भवन को स्मार्ट सिटी अंतर्गत हैरिटेज बिल्डिंग के रूप में विकसित करने की योजना है। यदि हैरिटेज के लिए भवन स्मार्ट सिटी कंपनी को मिलता है तो इसे संधारित कर हैरिटेज बिल्डिंग की पहचान दी जाएगी। फिलहाल स्कूल शिफ्टिंग के मामले में शासन स्तर से कार्रवाई होना है।
क्या होगा हैरिटेज बिल्डिंग में
भवन मिलने पर स्मार्ट सिटी कंपनी एजेंसी नियुक्त कर इसका रिनोवेशन करवाएगी। यह रिनोवेशन इस पद्धति से होगा कि भवन की प्राचीनता व कलाकृति प्रभावित न हो। इसके बाद भवन में लाइट एंड साउंड व्यवस्था की जाएगी। भवन तैयार होने पर इसमें सांस्कृतिक आयोजन, उज्जैन के पौराणिक-ऐतिहासिक महत्व संबंधित प्रदर्शनी व अन्य कार्यक्रम किए जा सकते हैं।

अन्य भवन भी बन सकते हैरिटेज बिल्डिंग
महाराजवाड़ा के अलावा ऐसे अन्य प्राचीन भवन भी हैं जिन्हें हैरिटेज बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जा सकता है। इनमें कोठी पैलेस भी है। वर्तमान में इस भवन में कलेक्टर व कमिश्नर कार्यालय संचालित हो रहा है। नजदीक ही नया कलेक्टर-कमिश्नर भवन का निर्माण प्रचलित है। संभावना है अगले वर्ष नया भवन तैयार होने के बाद कलेक्टर-कमिश्नर कार्यालय वहां शिफ्ट हो जाएगा। ऐसा होने के बाद कोठी खाली हो जाएगी और यदि कोई कानूनी या अन्य अड़चन नहीं आती है तो भविष्य में इसे भी हैरिटेज बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जा सकेगा।