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बेटी का शव हाथ में थामे पिता बोले- दरिंदों को फांसी पर चढ़ा दो

मासूम बेटी की मौत के बाद शहरवासियों का आक्रोश फूटा, आगर रोड पर किया चक्काजाम

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Holding the dead body of the daughter in his hand, the father said - h

मासूम बेटी की मौत के बाद शहरवासियों का आक्रोश फूटा, आगर रोड पर किया चक्काजाम

उज्जैन. चिमनगंज मंडी क्षेत्र से गुमशुदा चार वर्षीय मासूम का 27 घंटे बाद वाल्मीकि धाम रोड पर नाले किनारे बारे में शव मिलने से शहरभर में आक्रोश फैल गया। गुरुवार को मासूम के शव का पोस्टमॉर्टम होने के बाद दोपहर 12.30 बजे से लोग सडक़ों पर उतर आए। शव वाहन में मासूम के पिता के साथ सैकड़ों लोगों आगर रोड पर जमा हो गए। मोहन नगर चौराहा पर जमकर नारेबाजी कर चक्काजाम कर दिया। जाम की स्थिति को संभालने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस जवान भी मौजूद रहे। चक्काजाम के दौरान कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता भी पहुंच गए थे।
परिजन का आरोप-तंत्र क्रिया के चलते मेरी बेटी को मार डाला
वारदात से गुस्साए पिता कंपकंपाते स्वर में बोले- मेरी मासूम बेटी को मार डाला। इन दरिंदों को फांसी पर चढ़ाओ। सख्त सजा से ही मासूम की आत्मा को शांति मिलेगी। करीब एक घंटे तक मासूम के पिता बेटी का शव गोद में लेकर प्रदर्शन करते रहे। उनका कहना है, बेटी को न्याय मिले। उसे पड़ोसियों ने तंत्र क्रिया के चलते मारा है। आखिरकार एसडीएम कल्याणी पांडेय पहुंची। उन्होंने मासूम के पिता और परिजन को आश्वासन दिया कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाएंगे, तब परिवारजन और लोग माने। इसके बाद चक्काजाम खोला। परिवारजन, पड़ोसी और अन्य लोग मासूम को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। कांग्रेस के विक्की यादव ने मासूम के परिजन को 11 लाख मुआवजा देने की मांग की।
मकान तोडऩे की तैयारी, नोटिस भी चस्पा
जनआक्रोश देखते हुए गुरुवार शाम को ही आरोपी अजय और रानू के मकान तोडऩे के लिए नगर निगम ने नोटिस चस्पा कर दिया। लोग नोटिस देखकर कह रहे थे कि दरिंदों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। इधर, चिमनगंज मंडी पुलिस ने तीनों आरोपियों के साथ मुख्य आरोपी की मां को भी पूछताछ के लिए थाने बुलाया। पुलिस को शंका है कि साक्ष्य छिपाने में आरोपी की मां की भूमिका हो सकती है।
घटनाक्रम : 27 घंटे बाद मिला था शव
चार वर्षीय मासूम मंगलवार को घर के सामने बड़ी बहन के साथ खेल रही थी। दोपहर 3 बजे लापता हो गई। उसके पिता और दिव्यांग मां ने रात को चिमनगंजमंडी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। बुधवार सुबह तक पता नहीं चलने पर एसपी सचिन शर्मा ने क्षेत्र में ड्रोन से सर्चिंग अभियान चलवाया लेकिन पता नहीं चल सका। बुधवार शाम 7 बजे जीवाजीगंज क्षेत्र में वाल्मीकि धाम रोड पर उसका शव बोरे में बंद मिला। गुरुवार को शव का पीएम हुआ।
लोगों ने अखबार (पत्रिका नहीं) के खिलाफ जताया गुस्सा
मासूम की मौत के बाद गुरुवार सुबह 9.30 बजे के लगभग लोगों ने एक अखबार (पत्रिका नहीं) के खिलाफ भी गुस्सा जताया। उक्त अखबार में हौज में डूबने से मासूम की मौत की जानकारी दी थी। इससे लोग नाराज हो गए। उनका कहना था कि मासूम के दर्द और उसके परिवार पर टूटी आपदा को समझे बिना आरोपी के पक्ष में खबर दी है। यहां देर तक लोग विरोध करते रहे। गुस्साए लोगों ने अखबार की प्रतियां भी जला दीं। नारेबाजी भी की। पुलिस ने बमुश्किल मामला संभाला और लोगों को समझाइश दी।
राजनीति करने वालों के खिलाफ पोस्टर लगाया
पड़ोस में रहने वालों मासूम की मौत पर राजनीति करने वालों के लिए पोस्टर लगा दिया है। इस पर लिखा है कि यह स्थान शोक का है, शोक प्रकट करने वाले किसी प्रकार की राजनीति न करें और नहीं शोक सभा की अपनी उपस्थिति का फोटो सोशल मीडिया पर डालें।
नूरी बोलीं- पीडि़त परिवार को इंसाफ दिलाना राजनीति है तो भाजपा भी करे
मासूम की हत्या के बाद गुरुवार को कांग्रेस नेत्री नूरी खान पीडि़त परिवार से मिलने पहुंची। हत्यारों को फांसी देने की मांग की। नूरी ने कहा कि पीडि़त परिवार को इंसाफ दिलाना राजनीति है, तो भाजपा भी ऐसी राजनीति में आए। इधर, शहर कांग्रेस के मीडिया प्रभारी विवेक सोनी ने बताया कि शहर कांग्रेस अध्यक्ष रवि भदौरिया ने मामले की गंभीरता से जांच व हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। भदौरिया के साथ नेता प्रतिपक्ष रवि राय, परमानंद मालवीय, छोटेलाल मंडलोई, अर्पित दुबे, फैज मोहम्मद आदि पीडि़त परिवार के पास पहुंचे।