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35 किलो बारूद के धमाके से उड़ेगी 80 कमरों की होटल शांति पैलेस

विस्फोट विशेषज्ञ सरवटे के साथ निगम अधिकारियों ने शांति पैलेस की नई बिल्डिंग के बैसमेंट, रेस्टोरेंट व पिछले भाग में किया निरीक्षण

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उज्जैन. गृह निर्माण संस्थाओं की जमीन पर बनी होटल शांति पैलेस की नई बिल्डिंग को विस्फोट से उड़ाने की मैदानी कवायद तेज हो गई। नानाखेड़ा स्थित इस होटल का अवैध निर्माण तोडऩे का आदेश हाइकोर्ट इंदौर की डबल बैंच ने दिया है। इसी के चलते गुरुवार सुबह 10.30 बजे इंदौर के विस्फोट विशेषज्ञ शरद सरवटे ने निगम अधिकारियों के साथ मौका देखा। बैसमेंट में देखने पर पता चला कि 80 कमरों की पांच मंजिला आलिशान होटल 46 पिलर पर टिकी हुई है। 35 किलो विस्फोटक पिलर में लगाकर बिल्डिंग को ढहाया जाएगा। निरीक्षण के बाद सरवटे ने कहा कि अभी मौका देखा है, जरूरी कार्रवाई के बाद अवैध निर्माण को विस्फोट से तोड़ेंगे। इधर जिला प्रशासन ने होटल को विस्फोट से उड़ाने की अनुमति दे दी। अब इंदौर से जिलेटिन (विस्फोटक) खरीदकर इसके टोटे पिलर में लगाए जाएंगे।
गृह निर्माण संस्था के प्लॉटों पर तनी इस होटल का नक्शा, भूमि डायवर्सन निरस्त किया जा चुका है। वहीं जिला न्यायालय ने होटल मालिक द्वारा खरीदी इस भूमि की रजिस्ट्री भी शून्य कर दी गई है। वहीं हाल ही में हाइकोर्ट डबल बैंच ने होटल का पूरा अवैध निर्माण तोडऩे का आदेश दिया है। इसी के मद्देनजर सरवटे ने निगम अधीक्षण यंत्री अशोक राठौर, उपायुक्त भविष्य खोब्रागढ़े, सुनील शाह आदि के साथ मौका देखा। नई बिल्डिंग के साथ ही शांति पैलेस की पुरानी बिल्डिंग के अवैध निर्माण को भी प्रशासन तोड़ेगा।
35 किलो विस्फोटक लगेगा, कल से शुरू हो सकती है तुड़ाई
शांति क्लाक्र्स इन व पुरानी बिल्डिंग के अवैध निर्माण को तोडऩे में तकरीबन 35 किलो विस्फोटक लगेगा। विस्फोट विशेषज्ञ सरवटे ने इसका आकलन निगम अधिकारियों को दिया है। अवैध निर्माण तोडऩे में लगने वाले संसाधन, निगम अमला, पुलिस फोर्स सहित अन्य पर होने वाला खर्च होटल मालिक से वसूला जाएगा। निगम अधिकारियों ने होटल संचालक चंद्रशेखर श्रीवास के पुत्र सुशील श्रीवास को इस बाबत ताकीद किया। एक-दो दिन में सरकारी प्रक्रिया पूरी होगी और संभवत: शनिवार से तुड़ाई शुरू हो सकती है।
पुरानी बिल्डिंग में चल रहा रिनोवेशन
शांति पैलेस की पुरानी बिल्डिंग में होटल संचालक की ओर से रिनोवेशन व ऑफिस कक्षों के रिनोवेशन के चलते तुड़ाई काम चल रहा है। निगम अधिकारियों ने इसको लेकर भी जानकारी ली और कहा कि इस काम की भी क्या अनुमति ली गई है। सरवटे के अनुसार हाइकोर्ट की डबल बैंच का जो फैसला हुआ है उसमेंं पुरानी बिल्डिंग के अवैध निर्माण को भी तोडऩे का आदेश है। लिहाजा इस भवन के भी बड़े भाग को हटाया जाएगा।
बुकिंग रद्द कराने पहुंचे लोग, ढूंढ रहे दूसरी होटल
दीपावली के बाद वाले शादी सीजन के लिए शांति क्लाक्र्स इन में विवाह व रिस्पेशन की कई बुकिंग हो चुकी है। होटल तोडे़ जाने की सूचना पर शादी वाले परिवार उलझन में पड़ गए और बुकिंग रद्द कराने पहुंचने लगे। अब इन परिवारों को अपनी शादी दिनांक पर दूसरी होटलों में बुकिंग की जद्दोजहद करना पड़ रही है। कुछ लोगों को तो मुहूर्त वाले दिन होटल भी नहीं मिल पा रहे।
6 लाख रुपए आएगा खर्च, संसाधन निगम जुटाएगा
होटल तोडऩे के लिए विस्फोट सामाग्री में करीब 1.25 लाख रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा अन्य संसाधन व खर्च मिलाकर करीब 6 लाख रुपए के खर्च का आकलन निगम अधिकारियों ने निकाला है। तुड़ाई में जो जेसीबी, पोकलेन, हथौड़े, डंपर आदि लगेंगे वह निगम अपने स्तर से जुटाएगा।
सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
इधर, होटल संचालक को सुप्रीम कोर्ट रे राहत नहीं देते हुए होटल को तोडऩे के फैसले को सही पाया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश मे लिखा है कि मास्टर प्लान में जिस उपयोग के लिए जमीन निर्धारित उसका वहीं इस्तमाल भी होना चाहिए। होटल बनाने के लिए हासिल की गई जमीन, बिल्डिंग परमिशन, डायवर्शन और डेवलपमेंट परमिशन को गलत पाते हुए हाई कोर्ट ने 17 जून को उसे तोडऩे के आदेश दिए थे। होटल निर्माण में बरती गई अनियमितताओं और गड़बड़ी की जांच की जिम्मेदारी कोर्ट ने आर्थिक अपराध अन्वेषण (इओडबल्यू) ब्यूरों के डीजी को सौंपी है।
अनुमति दे दी है
होटल बिल्डिंग में विस्फोट करने की प्रशासनिक अनुमति दे दी है। विस्फोट विशेषज्ञ इसकी जरूरी कार्रवाई कर रहे हैं। बाकी के संसाधन व अमला निगम मुहैया कराएगा। पुलिस प्रशासन को भी जरूरी फोर्स उपलब्ध कराने पत्र भेजेंगे। सुप्रीम कोर्ट से भी याचिका खारिज होने की सूचना मिली है।
प्रतिभा पाल, निगमायुक्त

जल्द तोड़ेंगे
होटल बिल्डिंग स्ट्रक्चर का मुआयना किया है। जो स्थिति है इसकी वीडियोग्राफी करा ली है। अब जरूरी अनुमति मिलने पर यहां विस्फोटक लगाकर अवैध निर्माण को तोड़ा जाना है। निगम कमिश्नर से बातचीत कर आगामी कार्रवाई करेंगे।
शरद सरवटे, विस्फोट विशेषज्ञ, इंदौर