महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या के साथ आय में भी वृद्धि हुई है। मात्र 9 माह में 11 करोड़ 96 लाख 78 हजार 397 रु. दानराशि प्राप्त हुई।
उज्जैन. महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या के साथ मंदिर की आय में भी भारी वृद्धि हुई है। मात्र 9 माह में 11 करोड़ 96 लाख 78 हजार 397 रु. दानराशि प्राप्त हुई। वर्तमान वित्त वर्ष खत्म होने में अभी ढाई माह का समय शेष है और ९ माह की मंदिर की आय दो वर्ष की तुलना में अधिक है।
प्रतिदिन हजारों दर्शनार्थी आते हैं
महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन हजारों दर्शनार्थी आते हैं। महाकाल के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं द्वारा दानपेटियों, चेक एवं ऑनलाइन भुगतान से दान राशि में लगातार वृद्धि हो रही है। महाकाल मन्दिर में एक अप्रैल 2017 से 31 दिसम्बर 2017 तक नौ माह में कुल 11 करोड़ 96 लाख 78 हजार 397 दानराशि प्राप्त हुई है। इस राशि में हाल ही में एनएचडीसी द्वारा दान किए गए ३ करोड़ 92 लाख भी शामिल है। एनएचडीसी द्वारा कुल आठ करोड़ रु. का दान महाकाल मंदिर को देने की घोषणा की गई है। इसमें पहली किस्त तीन करोड़ 92 लाख रु. है।
जानकारी महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार
मातोश्री जीजाबाई जन्मोत्सव
उज्जैन. मध्यप्रदेश मराठा सेवा संघ उज्जैन की ओर से शुक्रवार शाम 5 बजे मातोश्री जीजाबाई का जन्मोत्सव शहीद पार्क फ्रीगंज पर मनाया जाएगा। इस अवसर मातोश्री को माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन, हल्दी कुमकुम, तिल गुड़, शिवाजी महाराज की परवरिश पर उद्बोधन के बाद शहीद पार्क से टावर तक पैदल मार्च का आयोजन होगा। टावर पर पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर पाकिस्तान में कुलभूषण जाधव की माताजी व पत्नी से किए दुव्र्यवहार पर कलेक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा।
संक्रांति संडे: कोठी रोड पर सैर-सपाटा फिर पतंग उत्सव
उज्जैन. अगले संडे को कोठी रोड पर सैर-सपाटा का पतंग उत्सव संग आनंद छाएगा। अंकपात मार्ग पर होने वाला कार्यक्रम इस बार नए शहर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें पारंपरिक खेल, योग , व्यायाम के साथ लोग सेहतमंद होने के लिए वॉक करेंगे। जिला प्रशासन के आग्रह पर व्यवस्थापकों ने कार्यक्रम का स्थान परिवर्तित किया है।
बीते ७ संडे से अंकपात से मंगलनाथ मार्ग पर आयोजित हो रहा सैर-सपाटा कार्यक्रम १४ जनवरी मकर संक्रांति पर सुबह ६ बजे तरणताल चौराहा से कोठी भवन तक आयोजित होगा। सुबह ९ बजे तक यहां साहसिक व पारंपरिक खेल सहित अन्य मनोरंजक गतिविधियां होगी। इसके बाद शहरवासियों के लिए दशहरा मैदान पर पतंग उत्सव होगा, जिसमें बड़े आकार की पतंगे आकाश में उड़ाने के लिए उपलब्ध रहेगी। वहीं शहरवासी भी अपनी पतंग-मांजा लाकर इस उत्सव का आनंद ले सकेंगे।