27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मां को होटल में छोड़कर चला गया था IPS बेटा, ढाई महीने बाद आश्रम आया तो लिपटकर रो पड़ीं, बोली- क्यों किया ऐसा

उज्जैन स्थित एक आश्रम से जब आईपीएस बेटे अपने मां को लेने आया तो लिपटकर वो रोने लगीं।

3 min read
Google source verification
ips mother

उज्जैन.मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित एक आश्रम में दिल्ली की तारा जोशी ( ips mother ) पिछले ढाई महीने से रह रही थीं। उनका आईपीएस ( IPS officer ) बेटा ढाई महीने पहले होटल में छोड़कर चल गया था। अब ढाई महीने बाद बुधवार को उज्जैन स्थित सेवाधाम आश्रम ( Sewadham Ashram Ujjain ) से उन्हें लेने पहुंचा तो वह लिपटकर रो पड़ीं। फिर रोते हुए बेटे से पूछीं कि क्यों तुम मुझे यहां छोड़कर चला गया था। बेटे ने भी रोते हुए कहा कि कुछ मजबूरियां थीं मां, अब जिंदगीभर तुम्हारे साथ रहूंगा।

दरअसल, करीब ढाई महीने पहले तारा जोशी अपने बेटे अविनाश जोशी के साथ उज्जैन महाकाल के दर्शन के लिए आईं थीं। यहां वो एक होटल में रुके थे। अचानक बेटे ने अपनी मां से कहा कि मुझे एक जरूरी काम आ गया है। मुझे जाना पड़ेगा। यह कह बेटा अविनाश होटल से चला गया। मां कई दिनों तक होटल में इंतजार करती रहीं। लेकिन बेटे ने कोई संपर्क नहीं किया। इस बीच तारा जोशी के पैसे भी खत्म हो गए। फिर होटल संचालक ने उज्जैन डीएम शशांक मिश्र को इसकी जानकारी दी।

डीएम ने की मदद
होटल संचालक के द्वारा मिली जानकारी के बाद डीएम ने तारा जोशी को वन स्टॉप सेंटर भिजवा दिया। उसके बाद इस बात की जानकारी उज्जैन शहर से 14 किलोमीटर दूर स्थित सेवाधाम आश्रम को मिली। सेवाधाम आश्रम के संचालक सुधीर गोयल वन स्टॉप सेंटर से तारा जोशी को अपने आश्रम ले गए। तारा जोशी अप्रैल 2019 से सेवाधाम आश्रम में ही रह रही थीं।


अविनाश जोशी का नंबर ढूंढा
तारा जोशी को आश्रम में लाकर में संचालकों ने इनके बेटे अविनाश जोशी का पता लगाना शुरू किया। आश्रम के लोगों को अविनाश जोशी का मोबाइल नंबर मिल गया। अविनाश से जब आश्रम के लोगों ने संपर्क किया तो उन्होंने तुरंत आने में असमर्थतता जताई और अपनी मजबूरियां बताई और कहा कि मैं कुछ महीने बाद आ पाऊंगा। लेकिन आश्रम के लोग लगातार अविनाश के संपर्क में रहें।

ढाई महीने बाद लेने आया
आखिरका अविनाश जोशी ढाई महीने बाद अपनी मां को लेने उज्जैन स्थित सेवाधाम आश्रम पहुंचे। बेटे को आंखों के सामने देख मां तारा जोशी लिपटकर रो पड़ीं। उन्होंने बेटे से पूछीं कि मुझे छोड़कर क्यों चला गया था। मां की यह बात सुन अविनाश की आंखें भी नम हो गईं। फिर फफकते हुए बोला- कुछ मजबूरियां थीं मां, अब तुम्हारे साथ ही रहूंगा।

मेरा रत्न मिल गया
आश्रम के लोगों ने बताया कि बेटे को देख तारा जोशी की खुशी का ठिकाना नहीं था। आईपीएस बेटे अविनाश जोशी को गले लगाकर वह कहने लगी कि मुझे विश्वास था मेरा बेटा एक दिन जरूर आएगा, मेरा रत्न मुझे मिल गया जिसे मैं भगवान से भी अधिक प्यार करती हूं।


2004 बैच के हैं IPS
अविनाश जोशी 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वे गुजरात कैडर के अधिकारी हैं। वे निलंबित होने की वजह से कुछ दिनों से परेशान चल रहे थे। अविनाश की अभी तक शादी नहीं हुई है। अविनाश ने मीडिया से कहा कि जिंदगी में सब अपने हाथ में नहीं होता। कुछ व्यक्तिगत मजबूरियां की वजह से मां को छोड़कर जाना पड़ा। मेरी मां ने मुझे बहुत अच्छी परवरिश दी है।

मां को दिल्ली ले गए अविनाश
वहीं, अविनाश जोशी अपनी मां तारा जोशी को साथ में दिल्ली ले गए। मां-बेटे की कुछ द्रवित करने देने वाली तस्वीरें आश्रम ने शेयर की है। आश्रम के लोगों ने दोनों को मिष्ठान खिलाकर और उपहार देकर यहां से विदा किया। साथ ही फिर से पुत्र के साथ मां का पुनर्वास किया।