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कहीं आपके घर तो नहीं आ रहा इस नाले से धुला अनाज

नाले के पानी से धुल रहा अनाज चंद रुपयों के लालच में खुलेआम स्वास्थ्य से खिलवाड, जिम्मेदार मौन, न किसी का डर और न होती कोई कार्रवाई

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Is there any grain coming out of this drain in your house

नाले के पानी से धुल रहा अनाज चंद रुपयों के लालच में खुलेआम स्वास्थ्य से खिलवाड, जिम्मेदार मौन, न किसी का डर और न होती कोई कार्रवाई

उज्जैन. बाजार में यदि आप अनाज के दमकते दाने देखकर इन्हें साफ-स्वच्छ समझ रहे हैं तो यह आपकी गलतफहमी भी हो सकती है क्योंकि शहर में ही कुछ स्थानों पर अनाज धोने के लिए नाले के गंदे पानी का उपयोग हो रहा है। यह सब खुलेआम हो रहा है और एेसा करवाने वालों को कोई रोकने-टोकने वाला तक नहीं है।

एमआर-5, सेंटपाल स्कूल मार्ग स्थित केसरबाग कॉलोनी क्षेत्र में खाली भूखंड पर नाले का पानी जमा हुआ है। आसपास के पूरे क्षेत्र का गंदा पानी इन प्लॉट पर आकर जमा होता है। कुछ व्यापारियों द्वारा कचरा युक्त या कमजोर दाने के अनाज को यहां पहुंचाकर मजदूरों के जरिए इस गंदे पानी से ही अनाज धुलवाया जा रहा है। रोज बड़ी मात्रा में नाले यहां नाले के गंदे पानी से अनाज धुलवाकर इन्हें बोरियों में पैक कर दिया जाता है। बाद में इन्हें साफ व अच्छा बताकर या अच्छे अनाज के साथ मिलाकर बेचने के लिए बाजार में पहुंचा दिया जाता है। लोगों के स्वास्थ्य के साथ खुलेआम यह खिलवाड़ लंबे समय से हो रहा है लेकिन किसी ने इसको लेकर कार्रवाई नहीं की है। एेसे में अनाज धुलाई की मात्रा लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में सोयाबीन की धुलाई चल रही है वहीं आने वाले दिनों में गेहूं की धुलाई भी शुरू हो सकती है।

श्रमिकों को भी खतरा

अनजाने में इस प्रकार गंदे पानी से धुले दूषित अनाज का उपयोग करने वालों की सेहत से तो खिलवाड़ हो ही रहा है, घर-परिवार चलाने के लिए इस पानी में काम करने वाले मजदूरों के स्वास्थ्य के लिए भी यह बहुत खतरनाक है। बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के महिला-पुरुष मजदूर इस गंदे पानी में दिनभर काम करते हैं, जिससे उन्हें कई गंभीर बीमारियां भी हो सकती है। इससे अधिक चिंता की बात यह है कि इनमें से कुछ मजदूरों के बच्चे भी पूरे दिन इसी दूषित माहौल में उनका हाथ बंटाते हैं।