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इस्कॉन मंदिर में होगी जन्माष्टमी और नंदोत्सव की धूम

15 से 18 तक प्रतिदिन अमृतमयी कृष्ण कथा

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उज्जैन. इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी व नंदोत्सव का आयोजन 19 अगस्त से होगा। इससे पहले यहां 15 से 18 अगस्त तक प्रतिदिन भक्तिप्रेम स्वामी महाराज द्वारा अमृतमयी कृष्ण कथा कही जा रही है। मंदिर प्रांगण में यह कथा शाम 7.35 से 8.30 बजे तक हो रही है। इसके अलावा इस्कॉन संस्थापकाचार्य श्रील प्रभुपाद जी का 126वां आविर्भाव महोत्सव भी मनाया जा रहा है।

पीआरओ राघव पंडितदास ने बताया इस बार चार दिवसीय महामहोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। 18 अगस्त की शाम को अधिवास से शुभारंभ होगा। शाम को 5 बजे कृष्ण व्यंजन महोत्सव, 7.40 पर अधिवास एवं 8 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 19 अगस्त की प्रात: 4.30 बजे मंगल आरती से जन्माष्टमी उत्सव आरम्भ होगा, जिसमें सुबह 7.05 पर कृष्ण जन्म कथा तथा 8.05 पर गुरुपूजा एवं दर्शन आरती होगी। दिनभर पट खुले रहेंगे। संध्या 5 बजे से श्रद्धालु पंजीकरण कराकर अपने हाथों से भगवान के श्री विग्रहों का अभिषेक कर सकेंगे। रात 8 बजे भगबान श्रीकृष्ण की लीला पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम, रात 10 बजे महाभिषेक तथा रात्रि 12 बजे महाआरती होगी। इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद के जीवन पर आधारित एक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। राधा-कृष्ण और भोलेनाथ की झांकी सजेगी। सतत कीर्तन और फरियाली प्रसादी का वितरण होगा।

इस बार हरे कृष्ण महामंत्र लेखन, युवाओं के लिए टेस्ट काउंटर, ब्रह्म-जिज्ञासा काउंटर, बच्चों के लिए गोपिका श्रंगार, व्यंजन, अभिषेक काउंटर तथा गो-सेवा और तुला दान की विशेष व्यवस्था रहेगी। भगवन को आकर्षक पोषक अर्पित की जाएगी। फूल और फलों से शृंगार होगा। अभिषेक उपरांत रात्रि 12 बजे महाआरती होगी, जिसमें पायरो लाइट से भगवान का स्वागत किया जाएगा।

होगी विद्युत सज्जा, परिसर में सीसीटीवी कैमरे
आकर्षक विद्युत सज्जा के साथ सुरक्षा की व्यवस्था चाक चौबंद रहेगी। मैटल डिटेकटर से चैकिंग होगी तथा पूरा परिसर सीसीटीवी की जद में होगा। दो एलइडी द्वारा मंदिर में होने वाली गतिविधियां जैसे भगवान के दर्शन अभिषेक आदि को दिखाया जाता रहेगा। 20 अगस्त को नंदोत्सव एवं इस्कान संस्थापकाचार्य श्रील प्रभुपाद का 156वां आविर्भाव महोत्सव मनाया जाएगा। 56 भोग अर्पित होंगे, उत्सव मनाया जाएगा।