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भोले की नगरी में दो दिन रहेगी जन्माष्टमी पर्व की धूम

गोपाल मंदिर, सांदीपनि आश्रम, इस्कॉन मंदिर के साथ विभिन्न मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम होंगे।

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उज्जैन. शहर में दो दिन 02 और 03 सितंबर को जन्माष्टमी पर्व मनाया जाएगा। गोपाल मंदिर, सांदीपनि आश्रम, इस्कॉन मंदिर के साथ विभिन्न मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम होंगे। जन्माष्टमी की धूम 02 सितंबर रविवार से ही शुरू हो जाएगी। शहर में शैव-वैष्णव अनुसार इस बार दो दिन पर्व मनेगा।

गोपाल मंदिर: सिंधिया ट्रस्ट के गोपाल मंदिर में 02 सितंबर रविवार को जन्माष्टमी मनेगी। पुजारी अर्पित जोशी ने बताया कि रात 9 बजे से द्वारकाधीश का पंचामृत से अभिषेक होगा। इसके बाद शृंगार, पूजन आदि कर रात 12 बजे दर्शन के लिए पट खोले जाएंगे व जन्म आरती होगी। रात 1.30 बजे तक आम दर्शन होंगे। 03 सितंबर को सुबह 10 बजे से अपराह्न 4 बजे तक नंद उत्सव मनाया जाएगा।

सांदीपनि आश्रम : मंगलनाथ मार्ग स्थित सांदीपनि आश्रम में 02 सितंबर को कृष्ण जन्म उत्सव मनाया जाएगा। पुजारी पं. रूपम व्यास ने बताया शैव मत अनुसार आश्रम में 02 सितंबर की रात 12 बजे कृष्ण जन्म पर आरती की जाएगी। इसके पहले पंडित मंत्रोच्चार कर भगवान का अभिषेक कर शृंगार करेंगे। 03 सितंबर को सांदीपनि आश्रम में नंद उत्सव मनेगा व पालने में लड्डू गोपालजी के दर्शन होंगेे। मंदिर को नाड़े, नारियल और चुनरी से सजाया जाएगा। दोनों दिन भगवान निरंतर दर्शन होंगे।

राधाकृष्ण मंदिर: नागदाह अग्निहोत्री ब्राह्मण समाज कार्तिक चौक स्थित धर्मशाला और राधाकृष्ण मंदिर व्यवस्थापन समिति की ओर से 02 सितम्बर को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
इस्कॉन मंदिर में मनेगा चार दिनी जन्माष्टमी महोत्सव, अंतरराष्ट्रीय व्यंजन उत्सव में महकेंगे ढेरों पकवान
इस्कॉन मंदिर : इस वर्ष भगवान श्रीकृष्ण का जन्म दिवस विशेष कार्यक्रम के साथ मनाया जाएगा। इसमें गिरिराज गोवर्धन की प्रतिकृति होगी। भक्त-श्रद्धालु इसकी परिक्रमा करने के साथ मंदिर में आयोजित व्यंजन उत्सव में विविध पकवान का आनंद ले सकेंगे। इस्कॉन मंदिर के पीआरओ राघव पंडित दास ने बताया 1 सितंबर को चार दिनी जन्माष्टमी महोत्सव की शुरुआत होगी। मंदिर में पहली बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर 40 फीट ऊंचे गिरिराज गोवर्धन की स्थापना होगी। जन्माष्टमी पर दर्शनार्थियों को दोपहर 2 से रात 11 बजे तक फलाहारी खिचड़ी, चिप्स और केले का प्रसाद बांटा जाएगा। मंदिर में भक्तों को कृष्णकाल में होने का अनुभव हो, इसके लिए श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है। मंदिर में किड्स जोन और सेल्फी जोन भी बनाया जाएगा। बच्चों में भारतीय संस्कृति, धर्म और भगवान कृष्ण के प्रति रुझान बढ़े इसके लिए फैंसी ड्रेस का आयोजन भी किया जाएगा। इसके साथ कीर्तन मेले का आयोजन भी होगा। सेल्फी जोन में श्रद्धालु भगवान, देवी-देवता के चित्र, प्रतिमा के साथ सेल्फी ले सकेंगे।

अंतरराष्ट्रीय व्यंजन उत्सव: इस्कॉन मंदिर में पहली बार 1 सितंबर से चार दिनी अंतरराष्ट्रीय व्यंजन उत्सव होगा। इस दौरान जन्माष्टमी पर छप्पन भोग मनोरथ में कान्हा को भी देशी व्यंजनों के साथ इटेलियन पास्ता, पिज्जा तथा मॉरिशस के प्रसिद्घ कुकुंबर मिन्ट रायते का भोग लगेगा। विभिन्न देशों में अपनी परंपरा ओर संस्कृति अनुसार शाकाहारी व्यंजन बनाए जाते हैं। भगवान को इनका भोग लगता है। उज्जैन में पहली बार भगवान को अर्पित किए जाने वाले विदेशी शाकाहारी व्यंजनों का मेला लगेगा। जन्माष्टमी पर भगवान को छप्पन भोग में भी यही व्यंजन परोसे जाएंगे। स्थानीय भक्त भी इन व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे। इसके लिए मंदिर परिसर में विशेष काउंटर लगाए जाएंगे। 11 देशों के पकवान व्यंजन उत्सव में करीब 11 देशों के पकवान प्रदर्शित होंगे। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दूसरे दिन 4 सितंबर को मंदिर में नंद उत्सव मनाया जाएगा। इसके साथ संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद का आविर्भाव दिवस भी मनाया जाएगा।

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