- राज्यपाल ने प्लांट पर चढ़ी धूल दिखाई तो गर्दन झुकाकर खड़े हो गए एसडीएम..
उज्जैन/नागदा. बीमा अस्पताल में लगे ऑक्सीजन प्लांट के रखरखाव में लापरवाही बरतने वाले अफसरों को कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत की नाराजगी का सामना करना पड़ा। अवलोकन के दौरान राज्यपाल गेहलोत को प्लांट पर धूल और अन्य कमियां नजर आ गई। उन्होंने बीमा अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र माठे से कहा- क्या देख रहे हैं आप, कोरोना की तीसरी लहर शुरू हो गई है और ऐसी लापरवाही।
राज्यपाल गेहलोत ने प्लांट का निरीक्षण किया, उन्हें धूल नजर आई। एसडीएम आशुतोष गोस्वामी को बुलवाया। राज्यपाल ने एसडीएम से पूछा- क्या है ये, एसडीएम गर्दन झुकाकर खड़े रहे। राज्यपाल ने कहा- इसीलिए मैं आया हूं ये सब देखने के लिए, क्योंकि आप ध्यान नहीं दे रहे हो, लापरवाही कर रहे हो। कभी किसी को ऑक्सीजन की जरुरत पड़ेगी तो प्लांट का उपयोग कैसे होगा। कोई संपत्ति कोरोना से निपटने के लिए अधिगृहित की गई है और आपको उच्चाधिकारियों द्वारा अधिकृत किया गया है तो सिविल अस्पताल के अधिकारियों को सहयोग करना चाहिए। मगर आप कभी ताला लगा रहे हो, कभी नाटक कर रहे हो...ये अच्छी बात नहीं है।
चर्चा में राज्यपाल गेहलोत ने कहा कि वे प्लांट की स्थिति को लेकर हमेशा फीडबैक लेते रहते थे। जिसमें प्लांट के मैटेनेंस को लेकर नकारात्मक फीडबैक आया। दूसरी तरफ राज्यपाल गेहलोत के नगरागमन से पहले प्लांट की बदताल स्थिति को लेकर विधायक प्रतिनिधि स्वदेश क्षत्रिय ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। प्लांट रखरखाव को लेकर आ रहे नकारात्मक फीडबैक के बाद राज्यपाल गेहलोत को प्लांट के अवलोकन का कार्यक्रम बनाना पड़ा।