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महाकाल कॉरिडोर: प्रधानमंत्री 11 अक्टूबर को करेंगे लोकार्पण

तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री चौहान ने किया प्रचलित कार्यों का अवलोकन, शेष कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश

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Mahakal Corridor: Prime Minister will inaugurate on October 11

तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री चौहान ने किया प्रचलित कार्यों का अवलोकन, शेष कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश

उज्जैन. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महाकाला मंदिर कॉरिडोर व अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण कार्यक्रम लगभग तय हो गया है। वे ११ अक्टूबर को उज्जैन में कॉरिडोर सहित महाकाल मंदिर क्षेत्र से जुड़े करीब ३१५ करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मोदी के आगमन की तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान शहर पहुंचे। अधिकारी-जनप्रतिनिधियों के साथ उन्होंने महाकाल कॉरिडोर व अन्य निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। चौहान ने कलेक्टर आशीषसिंह को प्रोजेक्ट के पहले चरण के शेष रहे छुटमुट कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। दौरे के बाद मीडिया से चर्चा में चौहान ने प्रधानमंत्री के ११ अक्टूबर को आने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री के साथ केबिनेट मंत्री डॉ. मोहन यादव, तुलसी सिलावट, सांसद अनलि फिरोजिया, विधायक पारस जैन, महापौर मुकेश टटवाल मौजूद थे।

900 मीटर का कॉरिडोर जो काशी विश्वनाथ से तीन गुना

प्रधानमंत्री द्वारा इससे पूर्व काशी विश्वनाथ मंदिर के करीब ३०० मीटर लंबे कॉरिडोर का लोकार्पण किया गया था। महाकाल कॉरिडोर काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर से तीन गुना बड़ा, ९०० मीटर से अधिक लंबा है। कॉरिडोर में दो प्रवेश के दो नंदी द्वार बनाए गए हैं। कॉरिडोर सहित मृदा प्रोजेक्ट पूर्ण होने के बाद महाकाल मंदिर का २ हेक्टेयर का वर्तमान परिसर १० गुना बढ़कर २० हेक्टेयर का हो जाएगा। इससे दर्शन व्यवस्था भी सुलभ होगी।

जानिए कैसे सबसे खास है महाकाल कॉरिडोर

- महाकाल कॉरिडोर अद्वितीय धार्मिक कॉरिडोर हैं। - यहां एक ही परिसर में भगवान शिव के 190 स्वरूप नजर आएंगे।
- कॉरिडोर में शिव तांडव, शिव विवाह आदि को भी बेहद खूबसूरती के साथ प्रमिताओं के जरिए प्रस्तुत किया गया है।
- कॉरिडोर में १०८ स्तंभ हैं जो लाइटिंग के साथ ही अत्याधुनिक कैमरों से लेस हैं। इन पर भी कलाकृतियां उकेरी हैं।
- शिव थीम पर ८०० मीटर की म्यूरल वॉल बनाई है।
- कॉरिडोर दो भाग में है। एक भाग ३-३ मीटर के दो रोड पैदल चलने के लिए व ६ मीटर का रोड ई-कार्ड के लिए है।
- बुजुर्ग, बच्चे व दिव्यांगों के लिए नि:शुल्क ई-कार्ड चलेंगी। अन्य श्रद्धालु कुछ शुल्क देकर लाभ ले सकेंगे।
- परिसर में एक लाख से अधिक छोटे-बड़े पौधे लगाए जा रहे हैं। इनमें शिव प्रिय पौधे व वृक्ष भी हैं।
- दावा है एक घंटे में एक लाख श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।

दो फेज में यह काम होंगे

पहला चरण
- शिव अवतार वाटिका, महाकाल वाटिका, श्री महाकालेश्वर पथ, रूद्र सागर तट विकास, नूतन विद्यालय, सरफेज पार्किंग, गणेश विद्यालय परिसर, धर्मशाला, प्रवचन हॉल व अन्न क्षेत्र।

दूसरा चरण
महाराजवाड़ा परिसर विकास, रूद्रसागर जिर्णोद्धार, पार्किंग एवं पर्यटन सूचना केंद्र, छोटो रूद्र सागर विकास, रूद्र सागर पैदल पुल, हरिफाटक ब्रिज चौड़ीकरण, महाकाल द्वार व बेगमबाग मार्ग का विकास, चारधाम से त्रिवेणी संग्रहालय मार्ग चौड़ीकरण, रामघाट का विकास।