
सावन-भादौ में महाकाल की आखिरी शाही सवारी, 6 स्वरूपों में नगर भ्रमण पर निकले महाकाल
उज्जैन. भगवान महाकालेश्वर की शाही सवारी आज 22 अगस्त को 4:00 बजे महाकालेश्वर मंदिर से निकली। महाकाल 6 स्वरूपों में नगर भ्रमण पर निकले हैं। सवारी निकलने से पहले संभागायुक्त संदीप यादव और पुलिस महानिरीक्षक संतोष कुमार सिंह ने सपत्नीक भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन अर्चन किया। बता दें कि, पं.घनश्याम शर्मा ने पूजन किया है।
महाकाल की शाही सवारी राजसी ठाठ के साथ वैभव के अनुरूप निकल रही है। देशभर से भक्त रविवार को ही उज्जैन पहुंच चुके थे। सवारी में हाथी, घोड़े, पालकी, भजन मंडली और झांकियां शामिल हैं। 5 बैंड- गणेश बैंड, भारत बैंड, रमेश बैंड, आरके बैंड और राजकमल म्यूजिकल बैंड शामिल हुए हैं। शिप्रा नदी किनारे राम घाट पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया महाकाल की सवारी का पूजन कर सकते हैं। इस दौरान वे दत्त अखाड़ा घाट से नाव में बैठकर रामघाट तक पहुंचेंगे।
यहां से गुजरेगी सवारी
शाही सवारी का रूट 7 किलोमीटर लंबा है। सवारी 6 घंटे नगर में भ्रमण करने के बाद रात 10 बजे मंदिर के अंदर पहुंचेगी। रजत जड़ित पालकी में भगवान श्री महाकाल श्री चंद्रमौलीश्वर स्वरूप में विराजित हैं। हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव प्रतिमा, नंदी रथ पर श्री उमा महेश के मुखारविंद, डोल रथ पर श्री होलकर स्टेट का मुखारविंद और बैलगाड़ी में डोल रथ पर श्री सप्तधान मुखारविंद विराजित हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
SP सत्येंद्र कुमार शुक्ल के अनुसार, शाही सवारी के लिए जिले के अलावा अन्य जिलों से करीब 1500 पुलिस अधिकारी और कर्मी व्यवस्था में लगाए गए हैं। सवारी मार्ग पर CCTV कैमरों से नजर रखी जा रही है। जगह-जगह बैरिकेड्स भी लगाए गए हैं। बता दें, सावन-भादौ की ये 7वीं सवारी है। सावन में 5 सवारी और भादौ की 1 सवारी इससे पहले निकल चुकी हैं।
Published on:
22 Aug 2022 06:06 pm
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