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उज्जैन. तराना विधायक अनिल फिरोजिया पर विकास कार्यों के लिए राशि स्वीकृत कराने के नाम पर कमीशन मांगने का आरोप लगा है। तराना विधानसभा के ही एक सरपंच प्रतिनिधि ने विधायक फिरोजिया पर २२ फीसदी कमीशन मांगने का आरोप लगाया है। सार्वजनिक रूप से सरपंच प्रतिनिधि की ओर से लगाए आरोप से बौखलाए विधायक फिरोजिया उसे मारने के लिए भी दौड़े। लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया। हालांकि विधायक फिरोजिया ने ऐसे किसी राशि की मांग के आरोप को सिरे से खारिज किया है।
विधायक फिरोजिया पर निर्माण कार्यों को लेकर कमीशन मांगने का आरोप तराना विधानसभा के ग्राम पंचायत लोध के सरपंच प्रतिनिधि संतोष चौधरी ने लगाया है। दरअसल तीन दिन पहले तराना में एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान विधायक फिरोजिया क्षेत्र में किए विकास कार्यों की जानकारी दे रहे थे। इसी दौरान सरपंच प्रतिनिधि चौधरी ने जनता के बीच खड़े होकर आरोप लगाए कि विधायक २२ फीसदी कमीशन लेकर निर्माण कार्य स्वीकृत करवाते हैं। यह सुनते ही विधायक आपा खो बैठे और उसे मारने दौड़ पड़े। इस दौरान मौजूद भाजपा और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने उन्हें पकड़कर शांत करवाया। विधायक के इस तरह उत्तेजित होने पर मौजूद लोगों ने नारेबाजी भी की और इस तरह व्यवहार करने पर आपत्ति जताई। वहीं सरपंच प्रतिनिधि चौधरी अपने आरोप पर अड़े हैं कि विधायक से एक काम की राशि स्वीकृत करवाने की बात हुई थी। उनके लोगों को २२ फीसदी के हिसाब से आधी राशि भी दे दी थी। इसी के बाद उन्होंने विधायक पर कमीशन लेने का आरोप लगाया है।
१२.५१ लाख की पुलिया बनाने मांगा २२ फीसदी कमीशन
तराना विधानसभा की ग्राम लोध के सरपंच प्रतिनिधि संतोष चौधरी ने पत्रिका से चर्चा करते हुए बताया कि क्षेत्र की अजा बस्ती नई आबादी में पुलिया बनाया जाना है। बारिश के दिनों में यहां रास्ता बंद हो जाता है। पिछले वर्ष विधायक फिरोजिया से पुलिया बनाने की मांग की थी। इस पर आदिम जाति विभाग से राशि स्वीकृत कराने के बात विधायक ने कही थी। इस पर १२.५१ लाख रुपए की पुलिया का एस्टिमेट और तकनीकी स्वीकृति करवाकर विभाग में फाइल जमा की। इस पर विधायक के आदमी ने मुझे २२ फीसदी कमीशन देने की मांग की। १० सितंबर २०१७ को मैंने १ लाख ४० हजार रुपए की राशि जीआरएस पाठक व एक मंत्री को दी। यह राशि इस बात के लिए थी विधायक अपने लेटरपेड पर इस कार्य की मंजूरी के लिए विभाग को लिखेंगे। सालभर बीतने के बाद भी पुलिया की राशि स्वीकृत नहीं हुई। जब चुनावी कार्यक्रम में विधायक विकास कार्यों की बाते कह रहे थे मैंने सभी के सामने उन पर २२ फीसदी कमीशन लेने की बात कही। इससे वे गुस्सा हो गए और मुझे मारने के लिए दौड़े।
भाजपा से जुड़ा फिर भी कर्ज लेकर कमीशन दिया- सरपंच प्रतिनधि चौधरी के मुताबिक ग्राम लोध से उनकी मां श्यामूबाई चौधरी सरपंच है। पंचायत के विकास का काम मैं ही देखता हूं। पिछले तीन साल से भाजपा से जुड़ा होकर विधायक फिरोजिया के साथ काम रहा हूं। पुलिया निर्माण के लिए कमीशन का १.४० लाख रुपए मैंने ब्याज से लेकर दिया था। विधायक से नजदीकी होने के बाद भी उन्होंने काम नहीं किया।
गुस्साए विधायक का वीडियो वायरल
चुनावी कार्यक्रम के दौरान सरपंच प्रतिनिधि चौधरी के आरोप के बाद गुस्साए विधायक का वीडियो भी वायरल हुआ है। इमसें चौधरी ने २२ फीसदी कमीशन लेने का आरोप लगाया तो विधायक गुस्से से कुर्सी से उठ गए और सरपंच प्रतिनिधि की और मारने दौड़े। इस वीडियो के बाद से विधायक को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है।
झूठे आरोप लगाएंगेतो गुस्सा आएगा ही
अरे..ऐसा कुछ मामला नहीं है। मैंने क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए लाखों रुपए की राशि दी। देवनारायण मंदिर में ५ लाख रुपए जनता के सामने दिए। यदि कोई झूठे आरोप लगाएगा तो गुस्सा आना स्वभाविक है। मेरे पिताजी भी बेदाग थे और मैंने कभी किसी से कोई राशि नहीं मांगी।
अनिल फिरोजिया, विधायक, तराना
Updated on:
10 Aug 2018 01:09 pm
Published on:
10 Aug 2018 08:02 am
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