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मानसून अपडेट: बारिश से मचा हाहाकार, उज्जैन की सडक़ों पर चली नाव

इसी प्रकार, 23 अगस्त 2022 को भी बारिश का दौर चला था, जिसके चलते एक ही दिन में उज्जैन तहसील में 114 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इसी तरह घट्टिया में 141, खाचरौद 178, नागदा में 191, बडऩगर में 56, महिदपुर में 180, झारडा में 104, तराना में 134, माकड़ौन में 141 और पूरे जिले में कुल औसत 137.7 मिमी बारिश हुई थी।

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उज्जैन. शहर और ग्रामीण क्षेत्र सहित जिलेभर में शुक्रवार शाम 5 बजे से शुरू हुई बारिश शनिवार को दिनभर होती रही। लगातार हुई बारिश के चलते 7 साल बाद शिप्रा ने बड़ा पुल छुआ, पानी लगभग 3 फीट ऊपर बह रहा था। लंबे समय बाद आई बाढ़ को देखने बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे। सुरक्षा के लिए पुलिस ने बैरिकेडस लगाकर लोगों को वहां से हटने को कहा। कई क्षेत्रों में पानी भर जाने से होमगार्ड सैनिकों ने नाव चलाकर रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य किया। जीवाजी वेधशाला से प्राप्त जानकारी अनुसार 24 घंटे में 6 इंच बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश का दौर 18 सितंबर तक जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। 2250 एमसीएफटी क्षमता से अधिक पानी भरने के कारण गंभीर डेम के पांच गेट शनिवार को खोल दिए गए। कई इलाके जलमग्न हो गए, शांति नगर, एकता नगर और सुदर्शन नगर में हालात बिगड़े तो यहां पर नाव चलानी पड़ी और शाम तक 100 से अधिक लोगों कद्गा रेस्क्यू किया गया।
विक्रम विश्वविद्यालय एलएलबी की परीक्षा शनिवार सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होना थी। इधर, शुक्रवार रात से ही जारी तेज बारिश के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में छोटे नदी नाले उफान पर रहे। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले विद्यार्थियों को केंद्र तक पहुंचने में परेशानी हुई। विद्यार्थियों की परेशानी देखते हुए प्रभारी कुलपति प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि बाढ़ की स्थिति में ग्रामीण क्षेत्र से परीक्षा केंद्र तक नहीं आने वाले विद्यार्थियों के लिए बाद में विशेष परीक्षा आयोजित कराई जाएगी।
परीक्षा स्थगित नहीं की गई है। इसी तरह स्कूली विद्यार्थियों की चल रही त्रैमासिक परीक्षा के लिए भी अलग से परीक्षा ली जाने की व्यवस्था की जाएगी।

 


पिछले वर्ष 1 दिन में 4 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी उज्जैन में
इसी प्रकार, 23 अगस्त 2022 को भी बारिश का दौर चला था, जिसके चलते एक ही दिन में उज्जैन तहसील में 114 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इसी तरह घट्टिया में 141, खाचरौद 178, नागदा में 191, बडऩगर में 56, महिदपुर में 180, झारडा में 104, तराना में 134, माकड़ौन में 141 और पूरे जिले में कुल औसत 137.7 मिमी बारिश हुई थी।


6 डिग्री कम हुआ पारा
जीवाजी वेधशाला के अनुसार एक दिन में अधिकतम तापमान में 6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। 15 सितंबर को अधिकतम तापमान 31.0 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस था, जो 16 सितंबर शनिवार को अधिकतम 25.6 तथा न्यूनतम 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।


सडक़ मार्ग बाधित, रेल मार्ग सुचारु
प्राप्त जानकारी अनुसार शुक्रवार-शनिवार से हो रही लगातार बारिश के चलते शहर से ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाली बसें, मैजिक व अन्य वाहनों को आने-जाने में रुकावट हुई। रास्तों पर आने वाले छोटे पुल-पुलियाएं तेज बारिश के चलते उफान पर हैं, इस वजह से कई बसें निरस्त रहीं। इधर, रेल मार्ग में किसी तरह की कोई रुकावट नहीं होने से सभी ट्रेनें अपने निधार्रित समय पर ही चलीं।