उज्जैन. राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने शुक्रवार को उज्जैन में कहा कि महिलाओं ने उद्यमिता के क्षेत्र में जो मेहनत की, इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। हमारी मातृशक्ति की पहचान संकल्प और शक्ति है। वह लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए परिश्रम की पराकाष्ठा कर रही है।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास विभाग के राज्यमंत्री डॉ.मुंजपरा महेन्द्रभाई, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर विक्रम कीर्ति मन्दिर में भारतीय उद्यमिता संस्थान एवं राष्ट्रीय महिला आयोग के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय उद्यमिता जागरूकता शिविर की शुरुआत की।
इस मौके पर पटेल बोले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की महिलाओं के विकास के विजन को लेकर आगे बढ़ रहा है। इस बार का केंद्रीय बजट भी इसी बात को रेखांकित करता है। महिलाओं को जी-20 के माध्यम से वैश्विक मंच मिल रहा है। विकास के मामले में पांच उद्यमियों में से एक उद्यमी महिला उभरकर सामने आ रही है। महिलाओं के आर्थिक विकास के मामले में स्व-सहायता समूह ने उल्लेखनीय कार्य किया है। कई वंचित वर्ग की महिलाओं ने अपने आप को साबित करते हुए न केवल परिवार बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दिया है। स्व-सहायता ग्रुप में जो बेटियां व बहने आगे बढ़ रही हैं वह पारिवारिक जिम्मेदारी का निर्वहन भी कर रही है। केंद्र शासन द्वारा मुद्रा एवं स्टार्टअप योजनाओं से महिलाओं के विकास के नए आयाम खोल दिए हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमिता के लिए यह जागरूकता कार्यक्रम सीखने की प्रक्रिया को और तेज करेगा।
इकोसिस्टम विकसित करने की जरूरत
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री मुंजपरा महेंद्रभाई ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के विकास का एजेंडा लेकर चल रही है। उनके सशक्तिकरण के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। आज आवश्यकता है ऐसा इकोसिस्टम विकसित करने की, जिससे महिला उद्यमियों की कैपेसिटी बिल्डिंग की जा सके। केंद्र शासन की मुद्रा योजना, स्टार्टअप योजना व प्रधानमंत्री जनधन खातों ने महिलाओं को सशक्त करने का कार्य किया है।
स्टार्टअप में महिलाएं सबसे आगे
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि देश की आधी आबादी महिलाओं की है, यदि इन्हें हम पीछे छोड़ देंगे तो आर्थिक प्रगति बाधित होगी। आज भारत में स्टार्टअप में महिलाएं सबसे आगे हैं। यही नहीं साठ प्रतिशत महिलाएं ऋण लेकर उद्यम चला चला रही है। भारत सरकार ने भी महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रखी है। आवश्यकता है तो महिलाओं के लिए नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म की, जहां पर वे अपनी बात रख सकें। साथ ही इनके मेंटरशिप की भी अत्यधिक आवश्यकता है।
उद्यमी पैदा नहीं होते, बनाए जाते हैं
भारतीय उद्यमिता संस्थान के संचालक सुनील शुक्ला बोले, 10 वर्षों में जिस तरह से भारत का विकास हो रहा है, उसमें महिलाओं की भागीदारी स्पष्ट दिख रही है। उद्यमिता संस्थान 40 वर्षों से लगातार देश में कार्य कर रहा है। महिलाओं में चेतना आई है। इसके कारण वे उद्यमिता में आगे आ रही हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमी पैदा नहीं होते, बनाए भी जाते हैं। इसी उद्देश्य को लेकर उनका संस्थान कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य सचिव मीनाक्षी नेगी ने स्वागत भाषण दिया। आभार प्रदर्शन अमित द्विवेदी ने किया।