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एमपी में 23 अरब की लागत से तैयार होंगी सड़कें, बदलेगी शहर-गांव की तस्वीर

MP News: मध्यप्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ के पहले 23 अरब की लागत से सड़के तैयार की जा रही हैं।

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MP News: मध्यप्रदेश के उज्जैन में साल 2028 में सिंहस्थ आयोजित होने जा रहा है। जिसके लिए 23 अरब रुपए से ज्यादा का खर्च करके ग्रीनफील्ड रोड, बायपास और सड़कों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। सरकार को तीन प्रोजेक्टों की मंजूरी मिल गई है। टेंडर जारी होने के बाद काम शुरु हो जाएगा।

इंदौर से उज्जैन के बीच बनेंगी सड़कें


इंदौर से उज्जैन तक करीब 48 किमी लंबी रोड को ग्रीनफील्ड बनाया जाएगा। इसके लिए 1370.85 करोड़ रुपए की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही 19.185 किमी लंबे उज्जैन सिंहस्थ बायपास का निर्माण किया जाएगा। इस फोर लेन सड़क पर 701.86 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। उज्जैन के इंगोरिया से देपालपुर तक टू लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। जो कि करीब 32.60 किमी लंबी होगी। इस काम की अनुमानित लागत 239.38 करोड़ रुपए है। पीडब्ल्यूडी से जारी आदेश में कहा गया है कि यह कार्य उपलब्ध फंड से कराए जाएं। आदेश में यह भी लिखा है कि किसी भी स्थिति में उपलब्ध कराई गई राशि से अधिक खर्च नहीं किया जाए।

भोपाल से देवास के बीच बनेगी सिक्स-लेन सड़क


राजधानी भोपाल से देवास तक सड़क को सिक्स लेन करने की तैयारी है। यह वर्तमान में फोरलेन है। इसकी लंबाई 141 किलोमीटर है। देवास से इंदौर तक की सड़क पहले ही सिक्स लेन है। भोपाल से देवास और उज्जैन से इंदौर रोड को सिक्स लेन होने पर तीनों शहरों के बीच आवागमन बिना किसी रुकावट के होगा। साथ ही इसके काफी समय की बचत होगी।

उज्जैन में बनाया जाएगा फ्लाइओवर


महाकाल लोक बनने के बाद से ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है। इंदौर के अरबिंदो मेडिकल कॉलेज से उज्जैन के हरि फाटक चौराह तक सिक्स लेन मार्ग का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में सर्विस रोड, दो बड़े पुल और लाय ओवर बनाया जाएगा।

हाइब्रिड एन्यूटी मोड पर बनेगा इंदौर-उज्जैन रोड


इंदौर-उज्जैन रोड के प्रोजेक्ट का निर्माण हाइब्रिड एन्युटिी मोड पर किया जाएगा। इसे दो साल में बनाया जाएगा। जिसके लिए डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की ओर से 395 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा 1012 करोड़ रुपए एन्युटी के जरिए 15 साल की अवधि में शासन देगा। साथ ही भू-अर्जन के लिए 44 करोड़ और जीएसटी के 241 करोड़ रुपए भी शासन मुहैया कराया। इसके चलते सरकार को 1297 करोड़ रुपए का भुगतान करना होगा।