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video: मध्यप्रदेश के इस शिवालय में देश के प्रसिद्ध कलाकार देने आ रहे प्रस्तुति

पहली प्रस्तुति कुमुद दीवान, नई दिल्ली के शास्त्रीय गायन की हुई। उसके बाद वाराणसी के शुभ महाराज के एकल तबला वादन के बाद कार्यक्रम का समापन उज्जैन की हीना वासेन के कथक नृत्य से हुआ।

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Musical worship of Lord Mahakal

पहली प्रस्तुति कुमुद दीवान, नई दिल्ली के शास्त्रीय गायन की हुई। उसके बाद वाराणसी के शुभ महाराज के एकल तबला वादन के बाद कार्यक्रम का समापन उज्जैन की हीना वासेन के कथक नृत्य से हुआ।

उज्जैन। त्रिवेणी संग्रहालय के ऑडिटोरियम हॉल में शनिवार शाम नृत्य, गायन और वादन की प्रस्तुति हुई। ठुमरी, भजन और घुंघरुओं के खूबसूरत लय-ताल से सांझ सुरमयी हो गई। दर्शकों और श्रोताओं ने देर रात तक गीत-संगीत से सजी इस शाम का आनंद लेते हुए भगवान महाकाल की संगीतमय आराधना की।
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के आयोजन 18 वें अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव 2023 शिव सम्भवम की प्रथम संध्या में दीप प्रज्जवलन के पश्चात कार्यक्रम के प्रारंभ में पहली प्रस्तुति कुमुद दीवान, नई दिल्ली के शास्त्रीय गायन की हुई। उसके बाद वाराणसी के शुभ महाराज के एकल तबला वादन के बाद कार्यक्रम का समापन उज्जैन की हीना वासेन के कथक नृत्य से हुआ। श्रावण महोत्सव की प्रथम संध्या की प्रथम प्रस्तुति का प्रारंभ कुमुद दीवान ने राग हंसध्वनि में बंदिश जय शिवशंकर अवघड दानी... से किया । उसके बाद विलंबित लय में ठुमरी भोला लगावे बेडा पार......, राजदेश में भजन गल भुजंग भस्म अंग शंकर अनुरागी...... की प्रस्तुति के बाद प्रस्तुति का समापन लोकप्रिय भोलेनाथ की होली ..... खेले मसाने में होली दिगंबर.... से किया। तबला संगत हितेन्द्र दीक्षित व हारमोनियम पर भरत जोशी ने की।
तबले पर छाई बनारस घराने की परंपरा
महोत्सव की दूसरी प्रस्तुति बनारस घराने के पदमविभूषण पं. किशन महाराज के पौत्र एवं शिष्य शुभ महाराज के एकल तबला वादन की हुई। प्रस्तुति में शुभ महाराज ने बनारस घराने की ठेके के प्रकार, बाँट, छंद- रॉव कई दुर्लभ बंदिशों की प्रस्तुति दी। हारमोनियम संगत दीपक खसरवाल ने की।

सबने सराही नृत्य की शानदार प्रस्तुति

प्रथम संध्या की अंतिम प्रस्तुति उज्जैन की हीना वासेन के कथक नृत्य की हुई। कथक नृत्यांगना हीना वासेन, प. कृष्णमोहन महाराज की शिष्या ने श्रावण महोत्सव में अपनी प्रस्तुति का प्रारंभ महाकाल वंदना भो शंभो की....रचना से किया। तत्पश्चात शुद्ध कथक नृत्य तीनताल में पारंपरिक क्रम में उठान ठाट आमद तोड़े टुकड़े, परन लड़ी तथा गतनिकास की मनोहारी प्रस्तुति दी। अपनी प्रस्तुति के अंत में महाराज बिंदादीन द्वारा रचित ठुमरी सब बन ठन आई श्याम प्यारी री की सुंदर भाव प्रस्तुति से दर्शक मंत्रमुग्ध हुए। वासेन तबला संगत पर अंशुल प्रताप सिंह, गायन एवं पढंत पर कुलदीप दुबे, हारमोनियम पर दीपक खसरावल व सितार अंबरिश गंगराड़े ने संगत की।

इस अंदाज में हुई आयोजन की शुरुआत

कार्यक्रम के प्रारंभ में दीप प्रज्जवलन मुख्य अतिथि महंत विनीत गिरी महाराज पंचायती महानिर्वाणी अखाडा, विजय कुमार सी.जी. कुलपति महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय व श्रावण महोत्सव के कलाकारों, आयोजक समिति द्वारा किया। दीप प्रज्जवलन के पश्चात श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम , प्रशासक संदीप कुमार सोनी द्वारा सभी अतिथियों का दुपट्टा, प्रसाद व स्मृति चिन्ह़् देकर सम्मान किया गया। इसके बाद अतिथियों द्वारा प्रस्तुति हेतु पधारे सभी कलाकारों एवं सहयोगी कलाकारों का दुपट्टा, प्रसाद व स्मृति चिन्ह़् देकर स्वागत व सम्मान किया गया। मंच संचालन दीपक कोडापे द्वारा किया गया।