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नगर वन योजना: जिन राज्यों से भगवान राम गुजरे, वहां की वनस्पतियां यहां मिलेंगी

प्रकृति प्रमियों के लिए दो हेक्टेयर जमीन पर आकार ले रही नगर वन योजना, यहां राम वन गमन पथ से लेकर स्मृति वन भी बनाया जा रहा, 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस पर होगा शुभारंभ

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उज्जैन. शहरवासियों को जल्द ही प्रकृति से जुडऩे और करीब से निहारने का अवसर मिलेगा। मक्सी रोड स्थित नौलखी पार्क में दो हजार हेक्टेयर जमीन पर नगर वन योजना की शुरुआत हो रही है। स्मृति वन में आकर कोई भी व्यक्ति आकर अपने परिजन की स्मृति अथवा विवाह वर्षगांठ या जन्मदिन को चिर स्थाई रखने के लिए पौधे लगा सकता है। कुर्सियां दान कर सकता है। साथ ही इस योजना के तहत रामायण काल से जुड़े कुछ दृश्य हूबहू नजर आएंगे, वहीं इस वन में कोई भी व्यक्ति प्रकृति का आनंद ले सकता है। इसकी इंट्री नि:शुल्क रखी जाएगी।
जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के सामने विकराल समस्या बनकर उभर रहा है। इसके कई दुष्परिणाम भी हमारे सामने आ रहे हैं। पूरी दुनिया इससे निपटने के उपायों पर काम कर रही है। भारत भी इसके लिए भरसक प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में सरकार ने पिछले वर्ष एक योजना की शुरुआत की है, जिसका नाम है नगर वन योजना। वन मंडल अधिकारी किरण बिसेन ने बताया कि मक्सी रोड पर शहर से करीब 7 किमी दूर स्थित नौलखी पार्क है, इसमें यह योजना मूर्तरूप ले रही है। 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर इसका शुभारंभ किया जाएगा।

क्या कुछ मिलेगा नगर वन नौलखी पार्क में

नौलखी पार्क में शुरू हो रही नगर वन योजना के तहत ओपन ब्रिज, बच्चों का प्ले झोन, केंटीन, स्मृति वन, केकटस गार्डन, ओपन योग एवं एक्युप्रेशर पाइंट, जॉगिंग ट्रेक, लैंडस्केप एवं पर्यटक लॉन, सप्त ऋषि वाटिका, फायकस गार्डन, राम वन गमन पथ, फल बाग, नक्षत्र वन, अमृत वन, संस्कार वन, राशि वन, नवग्रह वन इत्यादि को करीब से निहारने का अवसर मिलेगा।

जिन राज्यों से भगवान राम गुजरे, वहां की वनस्पतियां यहां मिलेंगी

इस वाटिका में हमें राम वन गमन पथ भी विकसित किया जा रहा है। अधिकारी किरण बिसेन ने बताया कि भगवान श्रीराम को जब वनवास हुआ था, तब वे अयोध्या (नार्थ) से श्रीलंका (साउथ) तक चले थे, इस बीच कई राज्यों से होकर वे गुजरे थे। इस वाटिका में भी उसी समय की स्मृतियों को उकेरा जा रहा है, साथ ही विभिन्न राज्यों की वनस्पतियां भी यहां लगाई जा रही हैं। यदि कोई ओर भी वनस्पतियों को लगाना चाहे, तो उसका स्वागत है।