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उज्जैन के इस युवा ने रखे थे स्टॉक कांगरी पर कदम

राष्ट्रीय पर्वतारोहण दिवस विशेष: पहाड़ों से ऊंचा जज्बा, शहर के युवा अमन देश की प्रमुख माउंटन पर कर चुके हैं चढ़ाई, मप्र स्थापना दिवस की ब्रांडिंग भी की

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उज्जैन. हजारों मीटर ऊंचे पहाड़ पर चढऩा, जहां सामान्य सुविधाएं तो दूर सांस लेने के लिए ऑक्सीजन तक की कमी पड़ जाती है, किसी के लिए असाधारण चुनौती है। इस पर उज्जैन जैसी भौगोलिक परिस्थिति के बीच रहने वालों के लिए तो शायद नामुमकीन के समान ही लगता है लेकिन शहर के एक एसे युवा भी हैं, जिन्होंने न सिर्फ पहाड़ों पर चढऩे का सपना देखा, बल्कि पहाड़ों से भी ऊंचा जज्बा रख हजारों मीटर की चढ़ाई पूरी की। इस युवा की असाधारण क्षमता इसी से सामने आती है कि छह हजार मीटर की ऊंचाई पर चढ़ उन्होंने देश ही नहीं विश्व को सिंहस्थ में आने का न्यौता दिया।

गुरुवार को राष्ट्रीय पर्वतारोहण दिवस डे है। यह दिन ऊंचाइयों पर जीत पाने वालों के हौसलों को सेल्यूट करने का दिन है। आगर रोड निवासी शहर के युवा अमन मिश्रा भी एसे ही एक पर्वतारोही हैं, जिन्होंने एक-दो नहीं कई बार पहाड़ों पर हजारों मीटर ऊंचे शिखरों पर चढ़ाई की है। सिंहस्थ की ब्रांडिंग के लिए तीन साल पूर्व अमन ने लेह के सबसे ऊंचे पहाड़ स्टॉक कांगरी के शिखर (6 हजार 123 मीटर) पर सिंहस्थ का पोस्टर लहराकर विश्व को उज्जैन आने का न्यौता दिया था। अमन के अनुसार यह पर्वत भारत सीमा से चढ़ाई करने वाला सबसे ऊंचा पर्वत है

स्वास्थ्य बिगड़ा लेने हार नहीं मानी

सिंहस्थ का प्रचार करने अमन मनाली से जब लेह पहुंचे तो उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया। वह मनाली के अस्पताल में भर्ती हुए और उपचार के बाद फिर स्टॉक विलेज से चढ़ाई शुरू की। तीन दिन में वह 6 हजार 123 मीटर ऊंचे पहाड़ पर चढ़े, सिंहस्थ का बैनर लहाराया और फिर नीचे उतर स्टॉक विलेज पहुंचे। भारी बर्फ व ऑक्सीजन की कमी के कारण अमन का स्वास्थ्य फिर बिगड़ गया था। नीचे उतरने के बाद उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। अमन बताते हैं, चढ़ाई करते समय जब स्वास्थ्य बिगड़ा तो लगा कि शायद में अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर पाऊंगा लेकिन मन में संकल्प था कि शिखर पर सिंहस्थ का फ्लैक्स लहराना है और उसी से मुझे चढ़ाई जारी रखने की ताकत मिली।

यहां भी कर चुके हैं चढ़ाई

- एशिया के तीसरे सबसे मुश्किल ट्रेक चौरीखांग और रोहतांग ग्लेशियर तक ट्रेक करते हुए पहुुंचे और मप्र का ६१वां स्थापना दिवस मनाया।

- वर्ष 2016 में 6 हजार मीटर ऊंचे सिक्कीम के माउंट फ्रे पर चढ़ाई।

- वर्ष 2015 में हिमाचल प्रदेश के बालचंद्रा व पंजाल माउंटेन रेंज पर चढ़ाई।