
मंदिर में चंडी यज्ञ, रूद्राभिषेक, कन्या पूजन, चंडी पाठ, कन्या भोज आदि के आयोजन होंगे
उज्जैन. धार्मिक नगरी में देवी मंदिरों की संख्या भले ही अधिक हो, लेकिन एक मंदिर ऐसा भी है, जो जिले में तो क्या, संभाग या प्रदेश में भी नहीं होगा। यहां देवी की अतिदुर्लभ प्रतिमा है, जिनकी एक-दो नहीं, बल्कि 18 भुजाएं हैं। ये देवी की प्रतिमा चमत्कारी है तथा शीघ्र फल देने वाली बताई जाती है। इनके दर्शन और पूजन से मनुष्य के सभी कष्ट व क्लेश दूर होते हैं।
मौनीबाबा आश्रम में है प्रतिमा
मंगलनाथ मार्ग चित्रकूट धाम श्रीश्री मौनी बाबा के आश्रम में यह दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है। संतश्री डॉ. सुमनभाई के अनुसार पूज्यश्री मौनीबाबाजी इन्हीं देवी की पूजा-आराधना किया करते थे। हम उन्हें इनकी तपस्या व पूजा करते हुए बचपन से देखते आ रहे हैं। नवरात्रि में इन देवी का दर्शन-पूजन का विशेष महत्व है।
एक ही पाषाण पर बनी है दुर्लभ प्रतिमा
प्राप्त जानकारी अनुसार यह प्रतिमा एक ही काले पाषाण पर बनी हुई है। प्रतिमा काफी वजनी और आकर्षक है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में चंडी यज्ञ, रूद्राभिषेक, कन्या पूजन, चंडी पाठ, कन्या भोज आदि के आयोजन होंगे।
मां चामुंडा माता के दरबार में नववर्ष का उल्लास
चामुंडा माता मंदिर पर चैत्र नवरात्रि पर गुड़ी पड़वा पर हिंदू नव वर्ष 2 अप्रैल शनिवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। विगत 2 वर्षों से कोरोना एवं लॉकडाउन के कारण धूमधाम से नहीं मना पाए। इस वर्ष गाइड लाइन में छूट होने से चामुंडा माता मंदिर पर तो 2 से 10 अप्रैल तक नवरात्रि उत्सव मनाया जाएगा। चामुंडा माता मंदिर भक्त समिति के संयोजक पं. शरद चौबे एवं सुनील चौबे ने बताया कि नवरात्रि में मंदिर पर आकर्षक विद्युत सज्जा हम प्रतिदिन सुबह शाम 7:30 बजे भव्य आरती हवन दुर्गा सप्तशती का पाठ एवं प्रसादी वितरित की जाएगी दर्शन यात्रियों को चामुंडा माता मंदिर भक्त समिति द्वारा ठंडे पेयजल की व्यवस्था एवं जूता चप्पल व्यवस्था समिति द्वारा दी जाएगी। अष्टमी शनिवार एवं रविवार को राम नवमी पर पूर्ण आहुति कर संपन्न होगा।
ये हैं चैत्र नवरात्रि में घट स्थापना के शुभ मुहूर्त
सालभर में कुल 4 नवरात्रि आती हैं जिसमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि का महत्व काफी ज्यादा होता है. चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ 02 अप्रैल को चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हो रहा है। चैत्र नवरात्रि 11 अप्रैल तक है। 02 अप्रैल को घटस्थापना या कलश स्थापना की जाएगी., इसके साथ ही नवदुर्गा की पूजा प्रारंभ होगी, जो पूरे 09 दिनों तक होगी इन नव दिनों में महाअष्टमी का पूजन 9 अप्रैल शनिवार एवं श्रीराम नवमी 10 अप्रैल को संपूर्ण भारत में बनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य पं. चंदन श्यामनारायण व्यास के अनुसार इस दिन वैधृति योग प्रात: 8.24 से प्रारंभ होगा, इसके पूर्व घट स्थापना करना शुभ होगा। प्रतिपदा तिथि दोपहर 11.10 तक है, इसलिए घट स्थापना मुहूर्त प्रात: 3.15 से 4.50 प्रात: 7.53 से 8.24 जो लोग चौघडिय़ा देखकर घट स्थापना करते हैं, उनके लिए दोपहर 12.20 से 4.45 समय उपयुक्त रहेगा। इसके अतिरिक्त अपनी कुल परंपरा मान्यता लोक रीति अनुसार घट स्थापना करना चाहिए।
Published on:
02 Apr 2022 10:31 am
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