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महाकाल मंदिर में इस सुविधा के लिए अब एसएमएस-फोन नहीं…

प्रत्येक आवेदन का सत्यापन और रिकॉर्ड रखना जरूरी
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उज्जैन

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Lalit Saxena

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Updated: 23 May 2018, 8:02 AM IST

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उज्जैन. महाकाल की भस्मआरती अनुमति की प्रोटोकॉल के तहत बुकिंग एसएमएस-फोन पर नहीं होगी। इसके लिए विधिवत आवेदन करना होगा। प्रतिदिन के आवेदन को मंदिर समिति के सक्षम अधिकारी द्वारा सत्यापन करने के साथ इसका रिकॉर्ड की रखा जाएगा।
महाकाल मंदिर में भस्मआरती प्रोटोकॉल अनुमति/ बुकिंग के लिए दबाव- प्रभाव और विवाद सामने आने के बाद महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष और कलेक्टर मनीषसिंह ने मंदिर के सहायक प्रशासनिक अधिकारी दिलीप गरुड़, एसपी दीक्षित, आरके तिवारी, प्रशासनिक कार्यालय प्रभारी सुधीर चतुर्वेदी और मंदिर के आइटी सेल प्रभारी राजकुमारसिंह के साथ भस्मआरती प्रोटोकॉल बुकिंग प्रक्रिया की समीक्षा की। सूत्रों के अनुसार मंदिर प्रबंध समिति ने प्रक्रिया को बताने के साथ ही इसके लिए विभिन्न स्तर आने वाले प्रभाव- दबाव की जानकारी दी। कलेक्टर नेे अधिकारियों से कहा कि किसी से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। इसमें नियमों का पालन करें।
कई स्तरों पर दर्ज होगी जानकारी
बैठक में कलेक्टर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रोटोकॉल अनुमति के तहत आवेदन करने वाले के नाम, भक्तों के नाम, सत्यापन/ अनुशंसा करने वाले अधिकारी का नाम और अनुमति जारी करने वाले कम्यूटर ऑपरेटर की जानकारी नियमित रूप से रिकॉर्ड के तौर पर दर्ज की जाए। फोन/ एसएमएस से बुङ्क्षकग नहीं होनी चाहिए। बुकिंग के लिए विविधत आवेदन ही प्राप्त किए जाएं।
...तो काम नहीं होगा क्या
सुबह कलेक्टर सिंह ने महाकाल मंदिर का दौरा किया। इस दौरान नंदीगृह में निर्माल्य के हार-फूल की टोकरियां भरी हुई देख कहा कि इन्हें क्यों नहीं हटाया जा रहा है। मंदिर के सेवक ने बताया कि निर्माल्य उठाने के लिए चार महिला सेवक तैनात हैं, दो के अवकाश पर रहने से कार्य प्रभावित है। कलेक्टर ने कहा कि कोई अवकाश पर जाएंगा तो मंदिर में कार्य नहीं होगा क्या ?
अरे इसमें नोटशीट कैसी
नंदीगृह के एयरकूल्ड से गर्म हवा आने के संबंध में कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की मंदिर के इलेक्ट्रीशियन को बुलवाने पर पता चला कि इसके कुछ उपकरण खराब हो गए है। मंदिर के अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य के लिए नोटशीट चल रहीं। कलेक्टर ने कहा कि इसके लिए कैसी नोटशीट, एेसे कार्य तो अपने स्तर पर निर्णय लेकर करना चाहिए।