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video : अनूठा बंधन : अपना कोई भाई नहीं, फिर भी 18 साल से तैयार कर रही हैं इतनी बड़ी राखी

शादी के बाद से ही शुरू हो गया राखी बनाने का सिलसिला, आज भी जारी है।

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उज्जैन. रक्षाबंधन पर एक प्रोफेसर हर साल भगवान गणेश के लिए बड़ी सी राखी तैयार करती हैं। ऐसा करते हुए उन्हें 18 साल हो गए। उनका कहना है कि मेरा कोई भाई नहीं है। शादी के बाद जब उज्जैन आई और बप्पा के दर्शन करने गई, तो मन में ऐसा भाव जागा कि क्यों न मैं उन्हें भाई बना लूं, और मैंने विघ्नहर्ता को ही अपना भाई बना लिया।

इन्हें बना लिया अपना भाई
यह कहना है महाकाल वाणिज्य केंद्र में रहने वाली गिरिजेश सोनी का। वे प्रशांति कॉलेज में प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं। उनके पति राजेंद्र सोनी सिविल इंजीनियर हैं। वे भी इस कार्य में सहर्ष रूप से उनका साथ देते हैं और बड़े गणेश के लिए राखी तैयार करते हैं। उनका कहना है कि राखी एक ऐसा त्योहार है, जिसमें भाई-बहन के अनूठे प्यार की झलक दिखती है। कई ऐसे भाई हैं, जिनकी बहनें नहीं होती और कई बहनें ऐसी हैं, जिनके भाई नहीं होते। हमने अपना भाई भगवान गणेश को बना लिया है। 18 साल हो गए, उनके लिए राखी तैयार करते हैं, और विघ्नहर्ता भी अपने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

लगातार चल रहा ये सिलसिला
ज्योतिर्विद पं. आनंदशंकर व्यास जो कि बड़े गणेश मंदिर संस्थापक हैं, उन्होंने बताया कि शहर में रहने वाली ही नहीं बल्कि देश-विदेश से भी राखियां आती हैं। करीब 40 साल से विदेश में रहने वाली बहनें अपने भाई गणेश के लिए राखियां भेज रही हैं। इनमें अमेरिका से डॉली, पुष्पेंद्र कौर, कैलिफोर्निया, सिंगापुर, मेंगलौर, कोलकाता, दिल्ली, हैदराबाद सहित अनेक शहरों से राखियां भेजी जाती हैं।

पोस्ट द्वारा आती हैं यहां राखियां
भगवान गणेश को भाई मानकर उनके लिए देश-विदेश में रहने वाली बहनें पोस्ट द्वारा हर साल राखी भेजती हैं। महाकाल मंदिर के समीप बड़े गणेश मंदिर में भगवान गणेश के लिए देश-विदेश से राखी आती है। यह सिलसिला कई वर्षों से जारी है।

बड़े गणेश के लिए कैसी-कैसी राखियां
बड़े गणेश के लिए जरीदार, मोतियों से बनी सुंदर राखियां और लिफाफों में मिठाई के लिए रुपए पं. व्यास को प्राप्त हो चुके हैं। ये रक्षाबंधन वाले दिन विधि-विधान के साथ भगवान गणेश को राखी अर्पण करेंगे।