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६३ हजार कनेक्शन, अब जल कर वसूली के लिए ऑनलाइन मिलेंगे बिल

मार्च माह में मिले ९९.४१ लाख रुपए पीएचई ने जनवरी से शुरू की थी बिल बांटने की व्यवस्था, शहर में ६३ हजार कनेक्शन के चलते रेवन्यू बढ़ाने में जुटा विभाग

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Now bills will be available online for burning recovery

मार्च माह में मिले ९९.४१ लाख रुपएपीएचई ने जनवरी से शुरू की थी बिल बांटने की व्यवस्था, शहर में ६३ हजार कनेक्शन के चलते रेवन्यू बढ़ाने में जुटा विभाग

उज्जैन. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की ओर से शहर में जलकर वसूली के लिए घर-घर बांटे जा रहे बिलों में राजस्व वसूली के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इससे उत्साहित विभाग अब उपभोक्तओं को विद्युत कंपनी की तर्ज पर ऑनलाइन बिल भेजने व राशि जमा कराने की योजना पर काम कर रहा है। वहीं उपभोक्ताओं को समय पर बिल मिल इसके लिए स्वयं सहायता समूह की मदद से बिल बंटवाने को लेकर भी चर्चा की जा रही है। अगर ऐसा होता है तो विभाग का रेवन्यू बढ़ेगा बल्कि उपभोक्ता को समय पर बिल मिलने से वह राशि समय रहते भर पाएंगे।
पीएचई ने २२ दिसंबर २२ से शहर में उपभोक्ताओं को घर- घर बिल बांटने की सुविधा शुरू की थी। इसके लिए सभी छह जोन में तैनात करीब १५ कर्मचारियों की मदद से बिल बांटे जा रहे हैं। इसके चलते जहां दिसंबर २२ में विभाग को जलकर वसूली ५५ लाख ५७ हजार रुपए हुई थी। वहीं जनवरी में यह बढ$कर ६६ लाख ४१ हजार तो फरवरी में ९१ लाख ७७ हजार रुपए पहुंच गई। मार्च २०२३ में यह राशि ९९.४१ लाख रुपए की हुई। ऐसे में विभाग अब अपने बिल वितरण व्यवस्था के साथ इसकी वसूली पर भी जोर देने जा रहा है। इसके लिए विभाग ने उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बिल भेजने की तैयारी शुरू की है। इसके तहत उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल पर बिल भेजे जाएंगे। जिस तरह विद्युत कंपनी अपने उपभोक्ताओंं को भेज रही है। इसको लेकर पीएचई अधिकारी संबंधितों से चर्चा कर योजना पर काम शुरू करने जा रहे हैं। इसके अलावा बिल वितरण व्यवस्था में ओर सुधार की कवायद भी की जा रही है। इसके लिए बिल वितरण का काम स्वं सहायता समूह को देने की योजना बनाई है। इसके लिए कुछ समूहों से चर्चा भी हुई लेकिन अंतिम फैसला नहीं हुआ है। पीएचई अधिकारियों की मानें तो इस महीने के अंत तक इस व्यवस्था पर निर्णय लिया जाएगा।
पिछले साल से १.३६ करोड़ ज्यादा वसूली
पीएचई ने जलकर वसूली में पिछले चार सालों में सर्वाधिक जलकर राशि वसूली है। वर्ष २०२१-२२ में ७.८० करोड़ रुपए जलकर संग्रहित हुआ था। इसके तुलना में वर्ष २०२२-२३ में यह राशि ९.१६ करोड़ रुपए वसूली, जो कि पिछले वर्ष से १.३६ करोड़ रुपए ज्यादा है। वहीं वर्ष २०१९-२० में ७.०७ करोड़ तो वर्ष २०२०-२१ में ७.७६ करोड़ रुपए जलकर वसूला गया था।
बकायादारों के सीधे काटेेंगे कनेक्शन
पीएचई की ओर से बकायादारों से वसूली को लेकर भी अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है। विभाग के करोड़ों रुपए उपभोक्ताओं से बकाया है। फिलहाल विभाग की ओर से अवैध कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद बकायदा शिविर लगाकर बकाया वसूली होगी और इसके बाद नल कनेक्शन काटे जाएंगे।
इधर, जूना सोमवारिया में नहीं काटे अवैध नल, भरवाए आवेदन
उज्जैन. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जून सोमवारिया में अवैध नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई पांच दिन बाद भी नहीं करवा पाया। सोमवार को पीएचई की टीम क्षेत्र में पहुंची लेकिन अवैध कनेक्शन नहीं काटे जा सके। पीएचई अधिकारियों ने यहां पर अवैध कनेक्शन लेने वालों के फॉर्म ही भराए। हालांकि पीएचई की धीमी कार्रवाई के पीछे रमजान पर्व होना है। क्षेत्रीय पार्षद व समाज के लोगों द्वारा त्योहार के चलते नल कनेक्शन नहीं काटने की बात कह रहे हैं, इसलिए पीएचई की ओर से नए आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इधर, अब वैध कनेक्शन का फॉर्म भरे जाने पर क्षेत्रीय लोग नए कनेक्शन शुल्क की राशि को कम करने की मांग भी करने लगे हैं। पीएचई सहायक यंत्री मनोज खरात के अनुसार कनेक्शन जल्द ही काटे जाएंगे। अभी लोगों को वैध कनेक्शन करवाने के लिए फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। यह प्रक्रिया पूरी होती ही कनेक्शन काटे जाएंगे।
बिल बंटवाने की योजना बना रहे
घर-घर-घर बिल वितरण से जलकर वसूली में इजाफा हुआ है। इस व्यवस्था को ओर बेहतर करने के लिए बिल बंटवाने की योजना बना रहे है।
शिवेंद्र तिवारी, प्रभारी जलकार्य समिति
स्वं सहायता समूह से बात चल रही
पेयजल बिल उपभोक्ताओं को आनॅलाइन बिल भेजने पर काम कर रहे है। इससे उपभोक्ताओं को बिल भरने पर आसानी होगी। बिल वितरण के लिए स्वं सहायता समूह से भी बात चल रही है। जल्द ही इस पर निर्णय लेेंगे।
मनोज खरात, सहायक यंत्री, पीएचई