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एक लाख भक्तों ने आगर में किया बाबा बैजनाथ की सवारी के दर्शन

दिखा नगराधिपति बाबा बैजनाथ का शाही अंदाज, किया भ्रमण मनोहारी विराट शाही सवारी में भजन मंडलियां, झांकियों व अखाड़ों के साथ-साथ भक्तगण नाचते-झूमते चल रहे थे

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दिखा नगराधिपति बाबा बैजनाथ का शाही अंदाज, किया भ्रमण मनोहारी विराट शाही सवारी में भजन मंडलियां, झांकियों व अखाड़ों के साथ-साथ भक्तगण नाचते-झूमते चल रहे थे

आगर-मालवा. सावन माह के चौथे सोमवार पर नगराधिपति बाबा बैजनाथ महादेव अपने लाव-लश्कर के साथ फूलों से सुसज्जित पालकी में सवार होकर प्रजाजनों के हालचाल जानने के लिए शाही अंदाज में नगर भ्रमण पर निकले। बाबा की इस अद्भुत और मनोहारी विराट शाही सवारी में परंपरानुसार भजन मंडलियां, झांकियों व अखाड़ों के साथ-साथ करीब एक लाख की तादाद में भक्तगण नाचते-झूमते चल रहे थे। परंपरागत स्वरूप में जब बाबा बैजनाथ ने नगर में प्रवेश किया तो बाबा के स्वागत एवं दर्शन के लिए नगरवासी आतुर हो गए। शहरवासियों द्वारा जगह-जगह स्वागत द्वार बनाकर नगराधिपति का स्वागत किया गया। मंदिर से नगर प्रवेश करने में सवारी को करीब ४ घंटे लगे। रात १० बजे सवारी कृषि उपज मंडी पहुंची। पहला सिरा सराफा बाजार में था तो दूसरा सिरा छावनी में ही था।
सावन माह के चौथे सोमवार को बाबा बैजनाथ महादेव नगर भ्रमण के लिए निर्धारित समय दोपहर १.२० बजे मंदिर परिसर से विधि-विधान के साथ निकले। गर्भगृह में मंदिर पुजारी व अन्य पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया तथा महाआरती उपरांत बाबा बैजनाथ को प्रभारी मंत्री जयवर्धन सिंह, विधायक सुसनेर विक्रमसिंह राणा, विधायक आगर मनोहर ऊंटवाल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष बाबूलाल यादव, एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष विपिन वानखेड़े, कलेक्टर संजय कुमार, एसपी सविता सोहाने एवं भक्तों द्वारा पूजा-अर्चना उपरांत पालकी में विराजित किया गया।
नील कंठेश्वर कान्वेंट स्कूल के बच्चों ने बेगपाइपर बैंड से सलामी देते हुए सवारी को आगे बढ़ाया। महादेव की पालकी जब जेल के सामने आई तब वर्षों से चली आ रही परंपरा का पालन करते हुए जेल विभाग द्वारा बाबा बैजनाथ को सलामी दी गई। यहां जेल अधीक्षक द्वारा पूजा-अर्चना की गई। छावनी नाके पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अलग-अलग गुटों में मंच बनाकर झंडा मंडलियों को श्रीफल एवं पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। झांकी के आगे-आगे झंडा एवं भक्त मंडलियां भजन गाते हुए एवं अखाड़े करतब दिखाते हुए चल रहे थे। शाही सवारी जिला जेल, छावनी नाका, छावनी झंडा चौक, नाना बाजार, गोपाल मंदिर, सराफा बाजार, हाटपुरा, अस्पताल चौराहा, तहसील मुख्यालय होते हुए कृषि उपज मंडी देर रात्रि पहुंची। सवारी के दौरान ऐसा लग रहा था मानों श्रद्धा व आस्था का सैलाब उमड़ आया हो। हर कोई भंग की उमंग में बम-भोले बम-भोले के जयकारे लगा रहा था। यात्रा के दौरान पूरे समय एएसपी प्रदीप पटेल, एसडीएम महेन्द्रसिंह कवचे, एसडीओपी एसआर पाटीदार, कोतवाली थाना प्रभारी अजीत तिवारी व्यवस्था संभालते रहे। वहीं बैजनाथ भक्त मंडल के सदस्यगण भी बाबा की भक्ति की मस्ती पूरी यात्रा के दौरान झूमते रहे। श्रीराम सेना के नवयुवक पालकी के आगे-आगेे सड़क पर झाड़ू लगाते हुए चल रहे थे।
४ किमी में लगे ४ घंटे
दूर-दूर से आई भक्तों की भीड़ सवारी में शामिल होने के लिए एकत्रित हो गई। दोपहर १.२० बजे पालकी मंदिर से रवाना हुई मंदिर और छावनी नाके के बीच करीब ४ किमी की दूरी तय करने में ४ घंटे लग गए। शाम ५:३० बजे बाद सवारी ने नगर प्रवेश किया। पूरा शहर बाबा का स्वागत करने के लिए आतुर दिखाई दिया। महिलाएं व बच्चे छतों से पुष्प वर्षा करते हुए नजर आए। शाही सवारी के दौरान सवारी मार्ग में जगह-जगह भक्तों द्वारा भारी मात्रा जलपान एवं दूध से बने अनेक प्रकार के पेय पदार्थ का वितरण भी किया गया, जहां पर भक्त जन आए अतिथियों को रोक-रोककर पेय पदार्थ पीने का निवेदन कर रहे थे।
जगह-जगह स्वागत
शाही सवारी का शहर में विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। राजमार्ग पर छावनी नाके से लेकर विश्राम स्थल तक जगह-जगह विभिन्न स्वागत मंच बनाए गए, जहां सामाजिक, राजनीतिक संगठनों के साथ-साथ मुस्लिम समाजजन आदि द्वारा सवारी का स्वागत कर नगराधिपति का पूजन किया गया।
भोजन व्यवस्था अच्छी
कृषि उपज मंडी में पिछले तीन-चार दिनों से की जा रही महाप्रसादी में झंडा मंडलियां शाम ५ बजे से भोजन स्थल पर पहुंचने लगी थी जहां पर उन्हें शांतिपूर्वक कतारों में बैठा कर प्रसादी ग्रहण कराई जा रही थी। शाम ६ बजे तक लंबी कतार लगी।
हुआ हरिहर मिलन
गोपाल मंदिर पर श्रीराम सेना नवयुवक मंडल द्वारा हरिहर मिलन की आकर्षक झांकी सजाई गई जैसे ही महादेव की पालकी गोपाल मंदिर पहुंची तो लोगों ने वहां हरिहर मिलन की अनुभूति की।