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स्वामी नित्यानंद के चेले का कमाल, फोन पर ही बताया ‘गमछेवाला है चोर’

परमहंस नित्यानंद महाराज को कई असाधारण सिद्धियों का साधक माना जाता है। इसकी झलक सिंहस्थ के दौरान अंबोदिया रोड स्थित उनके शिविर में देखने को मिलेगी। 

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Lalit Saxena

Apr 20, 2016

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उज्जैन.विदेशी भक्तों के साथ भव्य पेशवाई निकालकर लोगों को मंत्रमुग्ध करने वाले परमहंस नित्यानंद महाराज का कैंप भी सिंहस्थ के दौरान विशेष रहने वाला है।

simhastha-2016/index.php" target="_blank">कुंभ2016 की ख़बरों को पढ़ने के लिए यहांCLICK करें

उनके शिविर में भक्त कुण्डली जागरण और त्रिनेत्रीकरण सहित करीब 70 सिद्धियों का ज्ञान प्राप्त करेंगे। इनमें भारत के साथ ही बड़ी संख्या में विदेशी भक्त रहेंगे।

परमहंस नित्यानंद महाराज को कई असाधारण सिद्धियों का साधक माना जाता है। इसकी झलक सिंहस्थ के दौरान अंबोदिया रोड स्थित उनके शिविर में देखने को मिलेगी। प्रवक्ता प्रणव पचौरी ने बताया कि नित्यानंद महाराज 24 मई तक शहर में रहेंगे।

सिंहस्थ के दौरान कैंप में विशेष शक्ति वाले कार्यक्रम सुद्धात्वेतम का आयोजन होगा। इसके अंतर्गत स्वामीजी मौजूद भक्तों को 70 सिद्धियां को ज्ञान देंगे। स्वामीजी को कुण्डली जागरण और त्रिनेत्रीकरण की विशेष सिद्धि प्राप्त हैं। शिविर में इन सिद्धियों को विशेष रूप से सिखाया जाएगा।


बेंगलुरु से शिष्य ने बताया, कहां है मोबाइल
बेंगलुरु में नित्यानंद महाराज के दर्जनों शिष्यों को त्रिनेत्रीकरण की सिद्धि प्राप्त हैं। पचौरी के अनुसार तीन दिन पूर्व सदावल रोड स्थित आश्रम मेंं कैंप बनाने वाले ठेकेदार का मोबाइल गायब हो गया था। वहां मौजूद सभी लोगों से पूछने और ढूंढने के बाद भी मोबाइल नहीं मिला। कैंप में उपस्थित आत्मानंद महाराज ने बेंगलुरु में स्वामीजी के एक शिष्य से फोन पर चर्चा कर मोबाइल के विषय में पूछा। शिष्य ने त्रिनेत्रीकरण सिद्धि का उपयोग कर बताया, शिविर में कार्य कर रहे लाल गमछेधारी मजदूर ने मोबाइल उठाया है। मोबाइल अभी आश्रम में पीछे बने शौचालय के पीछे रखी कपड़े की पोटली में एक शर्ट की जेब में है। ढूंढने पर मोबाइल वहीं मिला।
मंदिरों में किए दर्शन
पेशवाई के अगले दिन मंगलवार को परमहंस नित्यानंद महाराज ने शहर के प्रमुख मंदिरों में पहुंच पूजन-अर्चन किया। उनके साथ उज्जैन सिंहस्थ प्रभारी व व्यवस्थापक महंत पूजानंद महाराज भी थे। नित्यानंद महाराज सबसे पहले कालभैरव मंदिर पहुंचे। इसके बाद गढ़कालिका, हरसिद्धि और फिर महाकाल मंदिर में देश दर्शन कर पूजन-अर्चन किया। इस दौरान भक्तों ने जहां भी उन्हें देखा, आशीर्वाद लेने व मिलने के लिए ललायित रहे। किसी ने पैर छुए तो किसी ने हाथ चूमने का प्रयास किया।
नित्यानंद के पंडाल में अनोखी व्यवस्था, कोड वाली माला से होती एंट्री
परमहंस नित्यानंद महाराज के पंडाल में आम आदमी घुस भी नहीं सकता है। इनके पंडाल में अगर जाना हो तो गले में कोड वाली माला संग आईडी कार्ड और ड्रेस कोड जरूरी है। यह पूरी कवायद इसलिए हो रही है, ताकि भीतर की गतिविधि आमजन के बीच ना आ पाए। इसके लिए मुख्य द्वार से लेकर अंदर तक के सभी प्रवेश द्वार पर गार्ड तैनात किए गए हैं जो गले की माला और आईडी कार्ड को देखने के बाद ही भक्तों को अंदर-बाहर जाने की अनुमति दे रहे हैं।
108 मूर्तियों का अस्थायी मंदिर-पेशवाई में भगवान की जिन मूर्तियों को देख हर कोई रोमांचित हो उठा था,उन मूर्तियों को श्रद्धालु अब पंडाल के मंदिर में देख सकेंगे। स्वामी नित्यानंद के पंडाल क्षेत्र में पूरे सिंहस्थ तक एक अस्थायी मंदिर बनाया गया है। इसमें 108 देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी।
50 देशों से आए श्रद्धालु
स्वामी नित्यानंद के आश्रम में श्रीलंका, थाइलैंड, इंडोनेशिया समेत 50 देशों से 3 हजार श्रद्धालु पंडाल में पहुंच चुके हैं। पहले शाही स्नान तक यहां अन्य 2 हजार अन्य विदेशी श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे। पंडाल में 24 घंटे अन्नदान व्यवस्था की जा रही है।