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उज्जैन.महाकाल मंदिर की भस्मआरती अनुमति के लिए फर्जी तरीके से आवेदन के मामले लगातार आते रहते हंै। एक और मसला शनवार को सामने आया है। इसमें जिला प्रभारी मंत्री के नाम के पुराने लेटर हेड़ से अनुमति लेने की साजिश की गई। भस्मआरती प्रभारी अधिकारी ने शंका होने पर मंत्री के कार्यालय से इसकी पुष्टी की तो मामला फर्जीवाड़े का निकला है। महाकाल मंदिर में प्रतिदिन तड़के होने वाली भस्मआरती के प्रवेश के लिए लोग नए-नए तरीके से फर्जीवाड़ा करने में लगे रहते हैं। कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता के लेटर हेड़ से अनुमति लेने का मामला पकड़ा गया था। इसके अलावा एक अन्य नेता के नाम पर हुई भस्मआरती की अनुमति के एवज में श्रद्धालुओं से रुपए लेने की शिकायत पुलिस थाने में हो चुकी है। इस बीच शनिवार को एक और मसला समाने आया है। इसमें प्रभारी मंत्री सज्जनसिंह वर्मा के पूर्व सांसद वाले पुराने लेटर हेड़ से भस्मआरती अनुमति के लिए आवेदन दिया गया।
फोन लगाया तो भाग गया आवेदक
भस्मआरती अनुमति के लिए प्रदेश के लोकनिर्माण और उज्जैन के प्रभारी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के नाम का उस लेटर पर आवेदन दिया गया, जब वर्मा सांसद थे। मंदिर प्रबंध समिति को दिए लेटर हेड को दिनेश के हस्ताक्षर से जारी किया गया था। इस पर लिखा था कि पत्र वाहक पवन चौहान और अन्य चार सदस्य निवासी इंदौर १० अगस्त को होने वाली भस्मआरती के लिए पधार रहे हैं। इन्हें उचित सहयोग करने का कष्ट करें। पत्र में दिनेश ने खुद को निजी सहायक दर्शाया था। भस्मआरती प्रभारी अधिकारी मूलचंद जूनवाल ने बताया कि प्रभारी मंत्री वर्मा के पूर्व सांसद के लेटर हेड पर हाथ से लिखा होने पर शंका के बाद उन्होंने पत्र अपने पास रख आवेदन देने वाले से कहा कि वर्तमान पद के लेटर लाने पर ही परमिशन देने और कुछ देर ठहरने का बोलकर पुष्टी के लिए प्रभारी मंत्री के कार्यालय में फोन लगाया। वहां से जानकारी दी गई कि इस तरह से कोई भी पत्र नए या पुराने लेटर हेड़ पर जारी नहीं किया गया है। पत्र के फर्जी होने की पुष्टी चल ही रहीं थी कि आवेदन देन वाला मंदिर के सत्कार कक्ष से भाग निकला।
Published on:
10 Aug 2019 11:20 pm
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