
फातिमा स्कूल पर एबीवीपी ने लगाया आरोप
नागदा. शहर के फातिमा स्कूल पर बाईबिल से प्रार्थना कराने व विशेष धर्म आधारित किताब से पढ़ाने का आरोप लगा हैं। आरोप लगाने वाले अभा छात्र संगठन का कहना है कि स्कूल प्रबंधन की इस तरह की गतिविधि से विद्यार्थियों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। स्कूल प्रबंधन द्वारा अपनाई जा रही इस नीति पर सोमवार को परिषद कार्यकर्ता स्कूल प्रबंधक से चर्चा करने स्कूल पहुंचे। मगर प्रबंधन ने चर्चा करने से मना कर दिया। जिससे आक्रोशित हुए परिषद कार्यकर्ताओं ने स्कूल में तालाबंदी करते हुए परिसर में धरना दे दिया। बात जब बढ़ी तब एबीवीपी के इस प्रदर्शन में स्कूली बच्चे भी शामिल हो गए। सूचना पर मंडी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को एसडीएम से शिकायत करने को कहा। ऐसे में अब मंगलवार को यह मामला एसडीएम की जनसुनवाई में पहुंचेगा। धरना प्रदर्शन में प्रांत कार्यकारिणी सदस्य आकाश विश्वकर्मा, नगर मंत्री संस्कार रघुवंशी, नगर मंत्री सचिन कोठारी, कार्तिका हनोतिया, निखिल परिहार, अभिषेक पहाडिय़ा, मोहित सांवरिया, पुष्पेंद्र, यशदीप मकवाना भी मौजूद रहे।
सरस्वती माता की तस्वीर नहीं,- एबीवीपी पदाधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन से सवाल किया कि जब स्कूल में हर जाति, धर्म के बच्चे आते हैं तो फिर केवल बाईबिल से भी प्रार्थना कराने की क्या वजह हैं। स्कूल से सरस्वती माता की तस्वीर भी गायब हैं। जबकि इसे लेकर पूर्व में स्कूल प्रबंधन आश्वस्त कर चुका हैं। परिषद की चेतावनी है कि यदि स्कूल प्रबंधन अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं लाता है तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ उग्र आंदोलन करेंगे।
छात्राओं के फेक आइडी बना रहे छात्र
एबीवीपी का यह भी आरोप है कि स्कूल के ही कुछ कथाकथित छात्र, छात्राओं के नाम से सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर चला रहे हैं। मामला स्कूल प्रबंधन तक भी पहुंचा, लेकिन अब तक स्कूल प्रबंधन की तरफ से कार्रवाई नहीं की गई। स्कूल प्रबंधन का जवाब मामले में स्कूल प्रबंधक की ओर से फादर अनिस ने बताया कि छात्र और छात्राओं के परिजनों को बुलाकर समझाइश दी गई थी। छात्राओं के नाम से फेकआईडी बनाने वाले छात्रों को 30 दिन के लिए स्कूल से निलंबित भी किया है। विशेष धर्म आधारित किताब से पढ़ाई और बाईबिल से प्रार्थना, सरस्वती माता की प्रतिमा लगाने को लेकर वे स्कूल कमेटी से चर्चा करेंगे।
विशेष धर्म आधारित पाठ्यक्रम जोड़ा, प्रार्थना भी 1 घंटे की
एबीवीपी के जिला संयोजक चेतन चौहान ने बताया कि स्कूल के छात्र-छात्राओं से लगातार शिकायतें मिल रही थी कि स्कूल में बाईबिल से प्रार्थना कराई जा रही हैं। प्रार्थना भी 30 मिनट से लेकर 1 घंटे तक होती हैं। जिससे कई बार छात्र-छात्राएं गश जाकर गिर चुके हैं। सिर्फ इतना ही नहीं 7वीं में इतिहास की किताब में विशेष धर्म आधारित पाठ्यक्रम जोड़ा गया हैं। जिससे हिंदू धर्म से जुड़े छात्र-छात्राओं की धार्मिक भावनाएं आहते हो रही हैं। चौहान ने बताया इन सभी बातों को लेकर जब स्कूल प्रबंधक से मांगने पर कोई भी संतोषजनक जवाब देने को तैयार नहीं था। परिषद के आक्रोश व्यक्त करने व पुलिस पहुंचने पर प्राचार्य बाहर आए, लेकिन वे भी चुप्पी साधे रहे।
Published on:
08 Aug 2023 02:00 am
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