26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उज्जैन आएंगे प्रधानमंत्री, शहर को मिलेगी महाकाल कॉरिडोर की सौगात

नवंबर में महाकाल कॉरिडोर का उद्घाटन कर सकते हैं प्रधानमंत्री, मृदा फेज-१ के कार्यों का मंगलवार को कलेक्टर आशीषसिंह ने निरीक्षण किया।

2 min read
Google source verification
Prime Minister will come to Ujjain, the city will get Mahakal Corridor

नवंबर में महाकाल कॉरिडोर का उद्घाटन कर सकते हैं प्रधानमंत्री, मृदा फेज-१ के कार्यों का मंगलवार को कलेक्टर आशीषसिंह ने निरीक्षण किया।

उज्जैन. श्री महाकाल महाराज मन्दिर परिसर विकास योजना के प्रथम चरण का कार्य आखिरी दौर में है। नवंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाकाल कॉरिडोर का लोकापर्ण कर सकते हैं। इसके बाद आमजन के लिए इस भव्य क्षेत्र को खोल दिया जाएगा।

मृदा फेज-१ के कार्यों का मंगलवार को कलेक्टर आशीषसिंह ने निरीक्षण किया। उन्होंने कहा, महाकाल कॉरिडोर में ऐसे वृक्ष लगाए जिनसे सुंदरता तो बढ़े ही, भविष्य में श्रद्धालुओं को छाया भी मिले। कलेक्टर ने त्रिवेणी संग्रहालय से लेकर लोटस पोंड, प्रवेश द्वार, कॉरिडोर, पार्किंग क्षेत्र, धर्मशाला, प्लाजा का निरीक्षण किया। उन्होंने बनाए जाने वाले मार्केट में सभी सुविधाएं विकसित करने, कॉरिडोर व प्रवेश के अन्य स्थानों पर पेयजल के लिए स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए।

सज गया है भगवान महाकाल का आंगन

महाकाल महाराज मन्दिर परिसर विस्तार योजना के प्रथम चरण जिसे तकनीकी रूप से मृदा प्रोजेक्ट-1 कहा जाता है, के समस्त कार्य पूर्णता की ओर है। प्रथम चरण के कार्यों का लोकार्पण करने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री का आगामी नवम्बर माह में उज्जैन आना प्रस्तावित है। इसके बाद कॉरिडोर का प्रथम चरण आम श्रद्धालुओं के लिये खोल दिया जायेगा। प्रथम चरण के कार्यों के खुलते ही हरिफाटक ब्रिज की चौथी भुजा से आकर श्रद्धालु जैसे ही त्रिवेणी संग्रहालय पहुंचेंगे, उन्हें बाबा महाकाल केआंगन के अलौकिक दर्शन होंगे।श्री महाकाल महाराज क्षेत्र विकास योजना के प्रथम चरण में महाकाल प्लाजा, महाकाल कॉरिडोर, मिडवे झोन, महाकाल थीम पार्क, घाट एवं डेक एरिया, नूतन स्कूल कॉम्पलेक्स, गणेश स्कूल कॉम्पलेक्स का कार्य पूर्ण हो चुका है। महाकाल कॉरिडोर के तहत प्रथम घटक में पैदल चलने हेतु उपयुक्त 200 मीटर लम्बा मार्ग बना दिया गया है। इसमें 25 फीट ऊंची एवं 500 मीटर लम्बी म्युरल वाल बनाई गई है। यही नहीं 108 शिवस्तंभ शिव की विभिन्न मुद्राओं सहित निर्मित हो चुके हैं, जो अलग ही छटा बिखेर रहे हैं। लोटस पोंड, ओपन एयर थिएटर तथा लेकफ्रंट एरिया और ई-रिक्शा व आकस्मिक वाहनों हेतु मार्ग भी लगभग पूर्ण हो चुका है। ब?े रूद्र सागर की झील में स्वच्छ पानी भरा जायेगा और यह सुनिश्चित किया गया है कि इस झील में गन्दा पानी बिल्कुल न मिलने पाये। उक्त सभी कार्यों का लोकार्पण नवम्बर माह में प्रस्तावित है।

महाकाल थीम पार्क के अन्तर्गत महाकालेश्वर की कथाओं से युक्त म्युरल वाल, सप्त सागर हेतु डेक एरिया तथा डेक के नीचे शापिंग क्षेत्र, बैठक क्षेत्र सुविधाएं विकसित की गई है। इसी तरह त्रिवेणी संग्रहालय के समीप कार, बस व दोपहिया वाहन की मल्टीलेवल पार्किंग बन चुकी है। इस क्षेत्र में धर्मशाला व अन्नक्षेत्र भी बनाये जा रहे हैं। कोबल्ड स्टोन की रोड क्रॉसिंग के जरिये पदयात्रियों की कनेक्टिविटी विकसित की गई है।