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इस मशीन के लगने से छात्राओं को मिली राहत

संचालन व्यवस्था जांचने पहुंचे प्रबंध निदेशक, शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ छात्राओं से की चर्चा

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उज्जैन। नेशनल बैकवर्ड क्लास फाइनांस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की कार्पोरेट की ओर से सराफ ा कन्या विद्यालय तथा दशहरा मैदान स्थित कन्या विद्यालय में 4 माह पहले लगाई गई सेनेटरी नेपकीन वेंडिंग मशीन के संचालन की जानकारी लेने के लिए कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक के. नारायणन अधिकारियों के साथ मंगलवार को दोनों स्कूल पहुंचे। यहां उन्होंने शिक्षक, शिक्षिकाओं के साथ छात्राओं से भी चर्चा की और सेनेटरी नेपकीन वेंडिंग मशीन को लेकर राय जानी। दोनों स्कूलों में छात्राओं ने कहा कि मशीन लगने से उन्हें राहत मिली है। वहीं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने छात्राओं की संख्या अधिक होने के कारण एक-एक और सेनेटरी नेपकीन मशीन लगवाने की मांग की।

कार्पोरेशन के सहायक महाप्रबंधक सुधीर जैन के अनुसार स्कूल प्रारंभ होने के समय ही दोनों स्कूलों में सेनेटरी नेपकीन वेंडिंग मशीन लगाई गई थी, जिसका उद्देश्य स्कूली छात्राओं को माहवारी के दौरान होने वाली असुविधाओं से बचाना था। साथ ही पेड के उपयोग के बाद इन्हें भस्म करने के लिए इंसिनिरेटर मशीन भी लगवाई गई थी। इन मशीनों के उपयोग, आवश्यकता तथा सुचारू संचालन की जानकारी लेने के लिए मंगलवार को नेशनल बैकवर्ड क्लास फ ायनांस एंड डेवलप्मेंट कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक के. नारायणन, प्रबंध संचालक अरविंद कथुरिया तथा एमपी कॉन भोपाल के महाप्रबंधक विभूति भूषण साहू ने सराफा स्कूल तथा दशहरा मैदान स्कूल का दौरा किया तथा बालिकाओं व शिक्षकगणों से मशीन की उपयोगिता से संबंधित संवाद किया। सराफा स्कूल में प्राचार्य मुकेश तिवारी, शिक्षक ज्योति जैन सहित अन्य शिक्षकों एवं छात्राओं से चर्चा की। वहीं दशहरा मैदान कन्या स्कूल में प्राचार्य एआर तिनखड़े, शिक्षिका पद्मजा रघुवंशी के साथ ही छात्राओं से चर्चा की। दोनों स्कूलों ने छात्राओं की संख्या अधिक होने के कारण एक-एक मशीन और लगाने की मांग की। जिस पर प्रबंध निदेशक द्वारा आश्वस्त करते हुए कहा कि छात्राओं की समस्या दूर करने के लिए इस पर जल्द विचार किया जाएगा। मशीन की उपयोगिता बताते हुए शिक्षिका पद्मजा रघुवंशी ने अधिकारियों से कहा कि सेनेटरी नेपकीन मशीन लग जाने से छात्राओं को बहुत राहत मिली है। सबसे अधिक बच्चियों को अचानक आई माहवारी के समय स्कूल छोड़कर जाने की तकलीफ से बचाव हुआ है। अब बच्चियों को आधे दिन में स्कूल से नहीं जाना पड़ता। स्कूलों के दौरे के बाद प्रबंध निदेशक के साथ समस्त अधिकारियों ने दशहरा मैदान स्थित कौशल विकास केंद्र का दौरा भी किया।