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वॉलीबॉल दल को ये सुविधा देने से मचा बवाल

विक्रम विश्वविद्यालय में मनमानी का खेल, अंतर विवि खेल प्रतियोगिता के लिए राजस्थान भेजा

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वॉलीबॉल दल को ये सुविधा देने से मचा बवाल

विक्रम विश्वविद्यालय में मनमानी का खेल, अंतर विवि खेल प्रतियोगिता के लिए राजस्थान भेजा

उज्जैन. विक्रम विश्वविद्यालय में नियमों को तोड़कर मनमानी का खेल चल रहा है। अंतर महाविद्यालय मलखंभ प्रतियोगिता के विवाद का निराकरण अभी नहींं हुआ है और एक नया मसला सामने आ गया है। इस बार मामला राजस्थान के बांसवाड़ा में आयोजित पश्चिम जोन अंतर विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता में विक्रम विश्वविद्यालय की महिला वॉलीबॉल दल को किराए के वाहन में भेजने से जुड़ा है।
उच्च शिक्षा विभाग इन दिनों विश्वविद्यालय, महाविद्यालय स्तर पर युवा उत्सव के साथ खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रहा है। दो दिन पहले ही विक्रम विवि में अंतर महाविद्यालय मलखंभ प्रतियोगिता को नियमों के उल्लंघन और मापदंड के पालन नहीं होने और चयन समिति सदस्यों को लेकर आपत्ति के बाद निरस्त कर दिया गया था। इस बार विश्वविद्यालय ने राजस्थान में आयोजित पश्चिम जोन अंतर विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता में वॉलीबॉल की टीम को किराए का वाहन व्यय कर भेज दिया था। जानकारी के मुताबिक खिलाडि़यों के दल को अन्य प्रांत और जिले में होने वाले किसी भी प्रतियोगिता या युवा उत्सव में हिस्सा लेने के लिए भेजने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय/ महाविद्यालय की होती है। इसके लिए रेल या निर्धारित वाहन का उपयोग किया जा सकता है। इसका खर्च विश्वविद्यालय/ महाविद्यालय वहन करते हैं। दल को ले जाने में निजी, किराए के वाहन के उपयोग नहीं किया जा सकता है। दल के साथ विवि या परिक्षेत्र के मान्यता प्राप्त शासकीय संस्थान से अधिकारी को प्रबंधक नियुक्ति होता है।
१० सदस्य गए हैं
विक्रम विवि ने बांसवाड़ा राजस्थान में आयोजित पश्चिम जोन अंतर विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता में विक्रम विश्वविद्यालय ने पिछले सप्ताह महिला वॉलीबॉल दल को निजी ट्रेवल्स के वाहन से भेज दिया था । दल में ८ खिलाडि़यों के साथ प्रबंधक और प्रशिक्षक भी गए हैं। जानकारों को कहना है कि दल नियम अनुसार बस या रेल से राजस्थान जाता और आता तो यात्रा पर अधिकतम राशि २५०० रुपए खर्च होती।
वहीं किराये के वाहन पर यह खर्च लगभग तीन गुना यानी ७५०० रुपए अनुमानित है। यह राशि अधिक भी हो सकती है। राशि का भुगतान विश्वविद्यालय करता है तो यह नियमों का उल्लंघन के साथ विवि पर आर्थिक बोझ भी होगा।
ब्लेजर-गणवेश के बिना गया दल
किसी भी आयोजन में संस्थान के प्रतिनिधित्व की पहचान ब्लेजर के साथ गणवेश से होती है। बताया जाता है कि विक्रम विवि के दल को ब्लेजर के साथ गणवेश नहीं दिया जा रहा है। खेल प्रतियोगिता में विक्रम विवि का प्रतिनिधित्व करने वाले दल गणवेश के इंतजाम अपने स्तर पर कर रहे हैं। हालांकि इसकी राशि विवि वहन करता है, लेकिन इसके लिए खिलाडि़यों को इंतजार करना होता है।

फिलहाल शहर से बाहर होने के कारण कुछ भी बताने स्थिति में नहीं हूं। इस संबंध में फाइल देखकर ही जानकारी दी जा सकती है।
डीके बग्गा, कुलसचिव, विक्रम विश्वविद्यालय