
फोटो सोर्स: पत्रिका
MP News: महाकाल की नगरी में विज्ञान शिक्षा का नया केंद्र बनने जा रहा है। तारामंडल परिसर में बन रहा साइंस सेंटर अब लगभग अंतिम चरण में है। यह सेंटर बच्चों और युवाओं को विज्ञान के प्रति आकर्षित करने और इसे सरल तरीके से समझाने में अहम भूमिका निभाएगा। वर्तमान में सिविल वर्क का 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है और अब अंतिम टचअप, बिजली फिटिंग और बाहरी रोड निर्माण पर काम तेजी से चल रहा है। अब निर्माणाधीन सेंटर पर विभिन्न प्रदर्शनी के मॉडल्स आना शुरू होंगे।
तारामंडल के डॉ. मनोजकुमार राठौर ने बताया लागत 15.20 करोड़ है। पूंजीगत लागत 11.70 करोड़ रुपये और कॉर्पस फंड 3.50 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। भारत सरकार का योगदान 6.55 करोड़ वहीं, मध्य प्रदेश सरकार की हिस्सेदारी 8.65 करोड़ रुपये है। विशेषज्ञों का कहना है कि उज्जैन का यह साइंस सेंटर बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के साथ ही प्रदेश के शैक्षणिक वातावरण को भी नई दिशा देगा। यह केंद्र आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान शिक्षा और नवाचार का हब बन सकता है।
निर्माण कार्य भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की देखरेख में किया जा रहा है। मंत्रालय द्वारा नियुक्त कॉन्ट्रैक्टर और इंजीनियर नियमित रूप से कार्य की प्रगति पर नजर रखे हुए हैं। बाहरी हिस्से में बन रहा विशाल गुंबद (डोम) अगले 15 दिनों में तैयार हो जाएगा।
साइंस सेंटर में बच्चों और विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक गैलरी और इंटरैक्टिव मॉडल स्थापित किए जा रहे हैं। एक विशेष विकसित भारत गैलरी होगी, जिसमें देश की वैज्ञानिक उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं प्रदर्शित होंगी। यहां इंटरैक्टिव एग्जीबिट्स (मॉडल व प्रयोग उपकरण) लगाए जाएंगे, जिनसे बच्चे खेल-खेल में विज्ञान को समझ पाएंगे।
Updated on:
22 Aug 2025 04:33 pm
Published on:
22 Aug 2025 04:33 pm
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