उज्जैन.
उज्जैन उत्तर विधानसभा से टिकट नहीं मिलने से नाराज शहर कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष रहे विवेक यादव आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए हैं। अब वे आप से इस सीट पर विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। ऐसा होता है तो उत्तर सीट पर आप पार्टी भाजपा से ज्यादा कांग्रेस के लिए नुकसान दायक होगी।
पहली सूचि जारी होने के बाद कांग्रेस के लिए उज्जैन से यह बड़ा झटका है। कांग्रेस ने उत्तर सीट से पार्षद माया त्रिवेदी को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट से विवेक यादव भी लंबे समय से दावेदारी कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार टिकट नहीं मिलने से नाराज यादव ने सूचि जारी होने के कुछ घंटों बाद ही दिल्ली में आम आदमी पार्टी का हाथ थाम लिया था। आप से राज्य सभा सदस्य डॉ. संदीप पाठक द्वारा दिल्ली में यादव का पार्टी में स्वागत करते फोटो भी सोशल मीडिया पर सामने आया। सोमवार शाम यादव ने मीडिया के सामने आप ज्वाइन करने की अधिक्रत घोषणा कर दी। यादव के आप में जाने की सूचना के बाद जहां कांग्रेस के बड़े नेताओं में हड़कंप मच गया है वहीं भाजपा में भी चुनाव को लेकर अलग-अलग कयास शुरू हो गए हैं।
२०१३ में पार्टी से लड़ चुके हैं चुनाव
कांग्रेस ने विवेक यादव को २०१३ के विधानसभा चुनाव प्रत्याशी बनाया था। तब माया त्रिवेदी ने टिकट नहीं मिलने पर नाराजगी जताई थी। समर्थकों ने प्रदर्शन भी किया था। निर्दलीय चुनाव लडऩे की भी तैयारी कर ली थी लेकिन पार्टी नेताओं ने समझा लिया था। हालांकि यादव भाजपा के पारस जैन से चुनाव हार गए थे।
मेरी बहने राखी का मान रखेंगी
टिकट नहीं मिलने से क्षुब्ध यादव ने खुलकर मीडिया के सामने दर्द बयां किया। उन्होंने कहा, माया त्रिवेदी जिन्होंने २०१८ के चुनाव में पार्टी से गद्दारी कर निर्दलीय चुनाव लड़ा, जो नरेंद्र मोदी को पीएम बनाने के लिए पूजन करवाती हैं, जिन पर एट्रोसिटी एक्ट हटाने की मांग करने, दलित महीला को प्रताडि़त करने के आरोप लगते हैं, कांग्रेस ऐसे गद्दारों को टिकट दे देती है। गद्दारी करने और टिकट लाने की नई परंपरा कांग्रेस में चल रही है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चीम बंगाल, गुजरात में ऐसे ही कांग्रेस का सफाया नहीं हुआ, वहां १०-२० हजार विक्की यादव की हत्या हुई है, तब वे ऐसे बने हैं। मैं वरिष्ठ नेताओं से कहता हूं कि वे बाबा महाकाल की कसम खाकर कह दें कि सर्वे में मेरा नाम पहले नंबर पर नहीं था, वो जो बालेंगे मैं करने का तैयार हूं। कांग्रेस के निर्णय से काफी आहत हुआ हूं और दिल्ली में जिस तरह आप सरकार कार्य कर रही है, उससे प्रभावित होकर यह निर्णय लिया है।
२५ हजार से अधिक बहनों ने मुझे राखी बांधकर भाई बनाया है। अब वे बहने राखी की लाज रखेंगी। मैं किसी को हराने के लिए नहीं बल्किी जीतने के लिए चुनाव लडूंगा।
विक्की के आप में जाने के मायने
– आप उन्हें उत्तर से मैदान में उतार सकती है।
– उत्तर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला होगा।
– आप प्रत्याशी से भाजपा से ज्यादा कांग्रेस को नुकसान पहुंच सकता है।
– विवेक पार्टी सिंबोल पर चुनाव लड़ सकेंगे। इससे चुनाव चिन्ह के साथ प्रचार करने का पर्याप्त समय मिलेगा। निर्दलीय लडऩे पर चिन्ह के लिए इंतजार करना पड़ता।
– व्यक्तिगत वोट के अलावा, दलगत वोट भी मिलेंगे।
– यादव की अपनी युवा टीम है। कई लोग उनके साथ आप में शामिल हो सकते हैं।
इनका कहना
कांग्र्रेस को फर्क नहीं पड़ता
पार्टी में लोग आते-जाते रहते हैं। कांग्रेस को इससे फर्क नहीं पड़ता। वैसे भी मप्र में आप का कोई जनाधार नहीं है। माया त्रिवेदी कांग्रेस की प्रत्याशी हैं और जनता व पार्टी मिलकर उन्हें चुनाव जीतवाएंगे।
– रवि भदौरिया, शहर कांग्रेस अध्यक्ष
आप को मजबूत जनसेवक मिला
विवेक यादव के रूप में आम आदमी पार्टी को एक युवा, सक्रीय और मजबूत जनसेवक मिला है। पार्टी में उनका स्वागत है।
– अमित माथुर, लोकसभा संयुक्त सचिव आम आदमी पार्टी