
उज्जैन। श्री महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद अब उज्जैन शहर की तस्वीर बदलती नजर आ रही है। इस दौरान यहां करीब 70 लाख श्रद्धालु पहुंचे हैं। इससे न केवल महाकाल लोक बल्कि पूरी उज्जैन नगरी के बाजार में बूम आ गया है। व्यापार-व्यवसाय में चौगुना बढ़ोतरी हुई है। होटल व्यवसाय, ट्रांसपोर्टेशन और खान-पान के साथ धार्मिक सामग्रियों के व्यवसाय भी फल-फूल रहे हैं। छोटे-मोटे काम-धंधों में करीब 5 हजार लोगों को रोजगार मिला है। इसके साथ ही मंदिर को मिले दान में भी बढ़ोतरी हुई है। इन दो महीनों में 1.40 करोड़ रुपए का दान मिला है। इससे यहां पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है। हालांकि इन सबके बीच देश-विदेश से आ रहे श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शनिवार, रविवार को शहर में करीब सवा लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, इससे यहां कुंभ सा नजारा दिखने लगता है।
छोटे काम-धंधों में इजाफा, हजारों को मिला रोजगार
धार्मिक पर्यटन बढऩे के साथ छोटे काम-धंधों में भी बढ़ोतरी हुई है। कपड़े, धार्मिक सामग्री, हार-फूल व प्रसादी, तिलक, स्ट्रीट फूड की एक हजार से ज्यादा दुकानें खुल गई हैं। 5 हजार लोगों को रोजगार मिला है।
महाकाल लोक में बदलनी पड़ी ये व्यवस्थाएं
- श्रद्धालुओं की सुविधा टिकट विंडो की संख्या छह की गई।
- मंदिर में 24 घंटे चिकित्सा और एंबुलेंस की व्यवस्था की गई।
-श्री महाकाल लोक की सुरक्षा के लिए निजी एजेंसी के करीब 200 गार्ड तैनात किए गए।
- श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के लिए लगातार अनाउंसमेंट की सुविधा शुरू की।
- दिव्यांग, वृद्ध और बच्चों के लिए महाकाल लोक में नि:शुल्क ई-कार्ट की सुविधा शुरू की।
Updated on:
12 Dec 2022 11:44 am
Published on:
12 Dec 2022 10:56 am
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