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जापानी कोसा और मुंबई के डायमंड, भगवान के लिए तैयार हो रही एक लाख की ड्रेस…देखें वीडियो

इस्कॉन मंदिर में कोलकाता से आए कलाकारों द्वारा भगवान जगन्नाथजी के लिए विशेष ड्रेस तैयार की जा रही है।

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उज्जैन. इस्कॉन मंदिर में कोलकाता से आए कलाकारों द्वारा भगवान जगन्नाथजी के लिए विशेष ड्रेस तैयार की जा रही है। इसकी खासियत यह है कि यह ड्रेस करीब एक लाख से अधिक कीमत में तैयार हो रही है। इसे तैयार करने में कलाकारों को एक से डेढ़ महीने का समय लगा है, और कार्य अभी भी जारी है। ड्रेस में लगाने के लिए खासतौर पर जापानी कोसा और मुंबई के डायमंड मंगाए गए हैं।

14 जुलाई को निकलेगी रथ यात्रा
14 जुलाई को निकलने वाली भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए इस्कॉन मंदिर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिर में जहां सजावट की जा रही है, वहीं कोलकाता से आए 6-7 कलाकार रात-दिन भगवान की ड्रेस तैयार करने में जुटे हैं। भरतपुरी स्थित इस्कॉन मंदिर के हॉल में यह कार्य अनवरत जारी है।

दिल्ली से आए हैं परिधान
कोलकाता से आए कलाकार पंकजनेत्र दास ने बताया कि ड्रेस तैयार करने में एक से डेढ़ महीने का समय लग गया। करीब 6-7 कारीगर दिन-रात जुटे हुए हैं। ड्रेस मटेरियल के लिए जापानी कोसा और मुंबई के डायमंड मंगाए हैं। जिन वस्त्रों पर ये कारीगरी की जा रही है, वे दिल्ली से लाए गए हैं। भगवान जगन्नाथजी की ड्रेस तैयार करने में करीब एक लाख से अधिक खर्च होगा।

देशी-विदेशी फूलों से सजावट
पीआरओ राघव पंडितदास ने बताया कि इस्कॉन मंदिर में डेढ़ क्विंटल देशी-विदेशी फूलों से आकर्षक सजावट की जाएगी। साथ ही जिस रथ में भगवान के विग्रहों को विराजमान कर नगर भ्रमण कराया जाएगा, वह भी फूलों से पटा नजर आएगा। मुंबई की एक भक्त द्वारा ये सजावटी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

रथ यात्रा से लौटकर सीधे मौसी के घर जाएंगे भगवान
रथ यात्रा से लौटकर भगवान मंदिर में नहीं, बल्कि मौसी के घर जाएंगे। जहां वे ठहरेंगे उसे गुंडीचा कहा जाता है। इसलिए फूलों की आकर्षक सजावट वहां भी की जाएगी। इस बार मंदिर के पीछे स्थित गौशाला में गुंडीचा तैयार होगा। पिछले दो सालों से दशहरा मैदान और शास्त्री नगर में गुंडीचा बनाया गया था।

7 दिन होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
पीआरओ राघव पंडितदास ने बताया कि 15 से 21 जून तक प्रतिदिन शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। दिन के समय कथा, पूजा होगी। कथाकार रमाकांत प्रभु हैं।

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