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स्वामी विवेकानंद के बोध वाक्य ने सभी को प्रेरित किया

रूपांतरण संस्था द्वारा लेख प्रस्तुतिकरण प्रतियोगिता आयोजित, विजेताओं को पुरुस्कृत किया। १२ वर्ष से हो रहा है यह आयोजन

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Swami Vivekananda's quote inspired everyone

रूपांतरण संस्था द्वारा लेख प्रस्तुतिकरण प्रतियोगिता आयोजित, विजेताओं को पुरुस्कृत किया। 12 वर्ष से हो रहा है यह आयोजन,रूपांतरण संस्था द्वारा लेख प्रस्तुतिकरण प्रतियोगिता आयोजित, विजेताओं को पुरुस्कृत किया। 12 वर्ष से हो रहा है यह आयोजन,रूपांतरण संस्था द्वारा लेख प्रस्तुतिकरण प्रतियोगिता आयोजित, विजेताओं को पुरुस्कृत किया। 12 वर्ष से हो रहा है यह आयोजन

उज्जैन. रूपांतरण संस्था द्वारा सोमवार को लेख प्रस्तुतिकरण प्रतियोगिता 'स्वामी विवेकानंद का एक वह एक बोध वाक्य जो मुझे प्रेरित करता हैÓ आयोजित की गई। प्रतिभागियों ने स्वामी विवेकानंद के बोध वाक्य पर विचार व्यक्त किए। स्वामीजी के बोध वाक्यों ने सभी को प्रभावित किया वहीं प्रेरणादायक भी रहे। स्पर्धा के निर्णायकों ने भी प्रतियोगियों के प्रदर्शन की प्रशंसा कर स्वामीजी के विचारों को जीवन में आत्मसात करने की सीख दी।

संस्था द्वारा १२ बर्षों से स्पर्धा का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को आयोजित स्पर्धा में इंदु राई, नेनिका चुण्डावत, स्नेहा जाधव, स्नेहा भदौरियाए व शालिनी भदौरिया ने दीप मंत्र का उच्चारण किया। कार्यक्रम में विशेष रूप उपस्थित जन अभियान परिषद् मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष विभाष उपाध्याय ने कहा, स्वामीजी के अनुसारए परोपकार करना पुण्य है और दूसरों को पीढ़ा पहुंचाना पाप है। प्रमुख वक्ता प्रो. हरीसिंह कुशवाह ने कहा कि कोई भी स्थिति इतना नहीं नुकसान पहुंचाती जितना कि उसको सोचकर भयभीत होना नुकसान पहुंचा देता है। मध्य प्रान्त विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की संगठक रचना जानी ने कहा, स्वामीजी के अनुसार मन वह बन्दर है जिसने दारू पी रखी है और उसको बिच्छू ने काट लिया है। हमारा उद्देश्य ऐसे मन को एकाग्र करना है, तभी हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम के अध्यक्ष अनंत त्रिवेदी ने कहा कि स्वामी जी ने ऊर्जा और ऊष्मा से विचारित दुनिया का निर्माण किया। स्पर्धा के निर्णायक रमण सोलंकी, पुष्पेन्द्र शर्माए व राशी जैन थे। संस्था अध्यक्ष राजीव पाहवा ने कहा कि वे अभिभूत हैं विद्यालय और उनकी तय्यारी को देखकरण् परिणाम यही इंगित करते हैं। स्पर्धा में प्रीती निगोस्कर का विशेष सहयोग रहा। संस्था के पदाधिकारी अक्षय आमेरिया, डॉ. सखा पाहवा, मयंक शुक्ल, दिलीप पंवार, मनोहर शर्मा, अजय भातखंडे आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम व्यवस्था में श्रेया सोनी, अमन बारोद, विश्वास सिंह व मुक्तेश त्रिवेदी ने अपनी सेवाएं दी। सम्पूर्ण कार्यक्रम की फोटोग्राफी व ऑनलाइन प्रसारण शकील गुट्टी और बरखा कुरील ने संभालीण्। सुविज्ञ जैन, मानसी परमार व सिद्धिविनायक चौरसिया ने कार्यक्रम का संचालन किया।

यह रहे विजेता
प्रथम- अनुराग परमार व स्निग्धा शर्मा
द्वितीय- ध्रुव खत्री, प्रियांशी चव्हाण, सृष्टि गणगने व आरोही पाठक
तृतीय- सलोनी शिवहरेसांत्वना- आयूषी जोशी