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वादों के पूल में आखिर कब होगी छपाक….

स्वीमिंग पूल प्रोजेक्ट में देरी के आसार, टेंडर प्रक्रिया के बीच खींच सकता काम
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उज्जैन

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Lalit Saxena

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Updated: 12 Feb 2018, 7:51 PM IST

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उज्जैन. महीनों पहले मिली मंजूर अभी तक नहीं हो सका भूमिपूजन, चुनावी साल में मंत्री खेमे की बढ़ी चिंता, अधिकारी बोले-अधिक संशोधन नहीं, केवल स्थान बदलेंगे....नजरअली मिल परिसर में प्रस्तावित स्वीमिंग पूल के स्थान परिवर्तन ने इसके समय से बनने पर संशय खड़ा कर दिया है। जगह बदलने पर यदि भौगोलिक बदलाव या राशि में कुछ बड़ा अंतर होता है तो निगम को नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया करना पड़ेगी। इसमें कई महीने और लग जाएंगे। चुनावी साल में उत्तर विधानसभा के वादों का ये पूल मंत्री पारस जैन खेमे के लिए बड़ी चिंता है, क्योंकि बीते २० सालों से पुराने शहर में पूल प्रस्तावित है लेकिन ये धरातल पर नहीं उतर सका।

टेंडर निकाला था

नगर निगम ने स्वीमिंग पूल के लिए ५.५० करोड़ रुपए का टेंडर निकाला था। ये अंतिम प्रक्रिया में है, लेकिन इसी बीच निगम नजरअली मिल परिसर की संपूर्ण भूमि का केस हाई कोर्ट से जीत गई। इसी के चलते अब परिसर की ४१ बीघा भूमि में से किसी अन्य स्थल पर पूल बनाने का विचार जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने किया है, लेकिन यदि डीपीआर में बड़े बदलाव हुए तो दोबारा से टेंडर करना पड़ सकता है।

चार चुनावों से प्रयासरत

पुराने शहर में स्वीमिंग पूल को लेकर क्षेत्रीय विधायक व ऊर्जा मंत्री पारस जैन बीते चार चुनावों से प्रयासरत हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में इंदिरा नगर क्षेत्र में सभा करने आए सीएम भी इसकी घोषणा कर चुके हैं। नजरअली मिल परिसर में उपयुक्त स्थान पर इसकी मंजूरी भी हो गई लेकिन अब फिर से नया संशय व उलझन खड़ी हो गई। ऐसे में जनता यही कह रही है कि वादों के पूल में आखिर छपाक कब होगी।

ये है पूल का प्लान

५.५० करोड़ रुपए से बनने वाले स्वीमिंग पूल में आधुनिक तैराकी सुविधाओं के साथ जिम, योगा व स्पोट्र्स हॉल की भी सुविधा मिलेगी। पब्लिक के लिए पेड़ नुमा शेड में बैठने की व्यवस्था, चैंजिंग रूम, हाइजेनिक टॉयलेट, वेटिंग रूम व अंतरराष्ट्रीय स्तर के संसाधन यहां जुटाए जाएंगे। बच्चों के लिए अलग से छोटा पूल निर्मित होगा। एमआईसी व सदन से मंजूरी मिलने के बाद निगम ने टेंडर जारी किए है, जो प्रक्रिया में है।